नई दिल्ली। कोरोना का प्रकोप झेल रहे दिल्लीवासियों से मुनाफाखोर उनके अपनों की सांसों की मोटी कीमत वसूल रहे हैं। उन्हें खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पांच घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है। इसके बाद दो से तीन गुना दाम चुकाने के बाद किसी तरह सिलिंडर भरकर मिल जाए तो वह खुद को खुशकिस्मत समझते हुए घर चले जाते हैं।
नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑक्सीजन रीफिलिंग इकाई में कोरोना संक्रमितों के परिजनों और एंबुलेंस के साथ पहुंचे अस्पताल कर्मियों की भीड़ थी। लाइन के पास ही खड़े एक व्यक्ति ने दूसरे से पूछा, कितनी देर से इंतजार कर रहे हो? जवाब मिला, ‘ढाई घंटे।’ मरीज को ऑक्सीजन तुरंत चाहिए तो रकम अधिक खर्च करनी होती है। दो-तीन गुना दाम वसूलकर बाहर से भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
वजीरपुर से छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि इसे उन्होंने 5500 रुपये में खरीदा है। इसमें फ्लो मीटर और कैन्यूला लगाने में 1500-2000 रुपये का अलग से खर्च आया। उन्होंने कहा कि खाली सिलिंडर नहीं होता तो भरे हुए सिलिंडर के लिए दो-तीन गुना अधिक कीमत वसूली जाती है। अगर आपको जल्दी है तो कई बार इससे भी अधिक कीमत वसूली जा रही है।
ज्यादा लोगों से छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने के लिए कहा जा रहा है। ऑक्सीजन की किल्लत होने पर बड़े सिलिंडर से गैस छोटे में भरकर अधिक कीमत में बिक्री की जा रही थी। इस पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी में ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है।
ऑक्सीजन के लिए नारायणा में इंतजार करने वाले अधिकतर लोगों ने बताया कि अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन की सुविधा न होने की वजह से उनके रिश्तेदार घर पर ही हैं। एक छोटा सिलिंडर 7-9 लीटर का होता है। यह करीब 8 घंटे तक चलता है। अगर किसी को 24 घंटे ऑक्सीजन चाहिए तो तीन छोटे सिलिंडर पर कम से कम 21-22 हजार रुपये का खर्च आता है। परेशानी से बचने के लिए कोई जल्दबाजी में सिलिंडर चाहता है तो खर्च 40-50 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। इसलिए लोग पांच घंटे तक इंतजार करके भी अपनों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भरवा रहे हैं।