नई दिल्ली। देशभर के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अब संख्या ज्ञान में निपुण करवाया जाएगा। इसके अलावा चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्रों को बुनियादी कौशल की पढ़ाई करवाने के लिए अतिरिक्त शिक्षा सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत निपुण भारत नाम से राष्ट्रीय मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन योजना शुरू की है। इसके लिए 2021-22 के तहत 2130.66 करोड़ रुपये मंजूरी दी गई है। वहीं, एनसीईआरटी निष्ठा के तहत 25 लाख प्री-प्राइमरी और प्राइमरी शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग भी देगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को नई शिक्षा नीति के तहत निपुण भारत मिशन की वर्चुअल शुरुआत की। इसमें शिक्षकों के लिए विशेष गाइडलाइन भी तैयार की गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2026-27 तक तीसरी कक्षा के सभी छात्रों को मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा था। इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए निपुण भारत मिशन में प्री-स्कूल से लेकर तीसरी कक्षा के 3 से 9 आयु वर्ग के छात्रों पर फोकस किया जाएगा।
निशंक ने कहा कि साक्षरता और संख्यात्मक कौशल की अच्छी बुनियाद सीनियर कक्षाओं में बच्चे की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। शिक्षा में बच्चे की रूचि भी विकसित करती है। देश के सभी बच्चों को इसकी बुनियादी समझ को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल शिक्षक दिवस पर ही इस मिशन को शुरू करने की योजना साझा की थी। दरअसल साक्षरता और संख्या ज्ञान का सीधा प्रभाव व्यस्कों की आय और अगली पीढ़ी के लिए बेहतर स्वास्थ्य जैसे उनके भविष्य के जीवन के परिणामों पर पड़ता है।
अभिभावक और शिक्षक मिलकर करेंगे काम
इसमें अभिभावक और शिक्षक मिलकर छात्रों को आगे बढ़ने में मदद करेंगे। बुनियादी कौशल के माध्यम से छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने पर काम होगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक्टिविटी लर्निंग पर जोर रहेगा। शिक्षा से जोड़े रखने के लिए पढ़ाई को रचनात्मक तरीके अपनाए जाएंगे।