कहा, खालिद को रिहा किया गया तो वह सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उमर खालिद को बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत प्रदान करने पर आपत्ति जताई है। पुलिस ने अदालत को बताया कि यदि खालिद को रिहा किया गया तो वह सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाएगा। साथ ही समाज में अशांति का कारण बन सकता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष पुलिस ने खालिद द्वारा गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) मामले में अंतरिम जमानत के लिए दायर याचिका पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद की अनुपलब्धता के कारण मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने खालिद के माता-पिता और विवाह स्थल के प्रबंधक से बहन की शादी के अवसर की पुष्टि की है। हालाँकि,पुलिस ने खालिद की रिहाई का कड़ा विरोध किया। खालिद को 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, वह यूएपीए के तहत अपराधों सहित गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है।
पुलिस ने कहा इसी अदालत ने खालिद की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी थी और उच्च न्यायालय ने भी अपील को खारिज कर दिया है। इसके अलावा उसके माता-पिता सभी आवश्यक व्यवस्था करने में सक्षम हैं। यह भी आशंका जताई गई थी कि अगर दो सप्ताह के लिए रिहा किया जाता है तो खालिद मामले में गवाहों को प्रभावित कर सकता है।