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Delhi News: लोन दिलाने के नाम पर 1700 लोगों से करोड़ों की ठगी

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फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, कर्ज दिलाने के नाम पर 1700 लोगों से करोड़ों की ठगी
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- सरकारी स्कीम के नाम पर कर्ज दिलाने का देते थे झांसा, 6 युवतियों समेत 12 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने उत्तम नगर में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। सेंटर से कॉल कर सरकारी स्कीम के तहत कर्ज दिलाने के नाम पर देशभर के करीब 1700 लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। मामले में 6 युवतियों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 21 मोबाइल फोन, 29 रजिस्टर, दो नोटपैड और एक लैपटॉप बरामद हुआ है। फैसल (32) और पारस मिलकर गिरोह चला रहे थे। पुलिस ने फैसल को गिरफ्तार कर लिया जबकि पारस फरार है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान आमिर (26), रोहित वर्मा (27), विशाल (23), मोहित कुमार (32), संतोष (22), निधि (22), मेघा (22), अंशु (22), स्वेता (26), उषा (30) और अर्चना (34) के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि बाल उद्यान रोड, उत्तम नगर इलाके की एक बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। छानबीन में पता चला कि कॉल सेंटर संजय नगर, गाजियाबाद निवासी फैसल व उसका पार्टनर पारस चला रहे थे। सूचना के बाद पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंची। छानबीन के दौरान आरोपी फैसल ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उसने कॉल सेंटर के काउंटर पर भी दवाइयां रखी हुई थी। फैसल बार-बार ऑनलाइन दवा बेचने और विज्ञापन बुक करने की बात करने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया। उसने लोन दिलाने के नाम पर ठगी की बात स्वीकार कर ली। वह पास के साथ मिलकर फरवरी से कॉल सेंटर चला रहा था। पारस ने कॉल सेंटर की जगह को लीज पर लिया था।
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ऐसे करते थे ठगी
आरोपी देशभर के लोगों को कम ब्याज पर सरकारी स्कीम के तहत कर्ज दिलाने की बात करते थे। पीड़ितों से लोन की प्रोसेसिंग फीस व दूसरी फीस के नाम पर 1200 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक ऐंठ लेते थे। पैसे लेते ही पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। पैसे फर्जी पतों पर खोले गए अकाउंट में मंगवाते थे। इसके अलावा फर्जी कागजात के आधार पर निकाले गए सिमकार्ड को खरीदा जाता है। बाद में इनसे एक साथ बल्क मैसेज भेज कर लोगों को सरकारी स्कीम में लोन दिलवाने की बात की जाती थी। मैसेज के साथ एक नंबर भी भेजा जाता है। जैसे ही लोग उस नंबर पर संपर्क करते थे । आरोपी कम ब्याज पर सरकारी स्कीम में लोन दिलवाने की बात करते थे।
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