नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मकोका के आरोपी की अंतरिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कि उसके दो नाबालिग बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने में पुलिस मदद करेगी। अदालत ने इस तथ्य के ध्यानार्थ आरोपी को जमानत प्रदान करने से इनकार कर दिया। मकोका के तहत गिरफ्तार आरोपी ने अपने दो नाबालिग बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाने के नाम पर अंतरिम जमानत मांगी थी।
कड़कड़डूमा अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के समक्ष आरोपी नब्बीर उर्फ सब्बीर ने अपने दो नाबालिग बच्चों को स्कूल में दाखिले के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग की है। उन्होंने कहा बच्चों का दाखिला न होने से वे पढ़ाई से वंचित होंगे ऐसे में उसे जमानत प्रदान की जाए।
पुलिस ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप है और उसे जबरन वसूली के लिए अपराध सिंडिकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि याची के परिवार में अन्य सदस्य भी हैं, जो बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवा सकते है।
अदालत में मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त (सीलमपुर) ने कहा कि पुलिस याची के परिजनों को बच्चों के स्कूल में प्रवेश दिलाने में सहायता करेगी, यदि परिवार के सदस्यों से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त होता है।
पुलिस के इस तर्क पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने संतुष्टी जताई। वहीं अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।