नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल ने ऋषि लंबू और जितेंद्र गोगी गिरोह के गिरोह के तीन बदमाशों को दबोचा है। इन्होंने बवाना में प्रॉपर्टी डीलर और पंजाब में एक व्यक्ति की हत्या की सुपारी ली थी। ये जीटीबी अस्पताल से कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगाने के लिए पुलिस टीम पर हमला करने वालों में भी शामिल थे। इनके कब्जे से तीन पिस्टल, आठ कारतूस और चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, जीटीबी अस्पताल में पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले बदमाशों के बारे में सूचना मिल रही थी। हरियाणा में झज्जर निवासी विक्की उर्फ बानिया, दिल्ली में रणहौला निवासी विक्की उर्फ सुमित और निलोठी, नांगलोई निवासी आकाश उर्फ टीटी के नजफगढ़ क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। एसीपी ललित मोहन नेगी व हृदय भूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर आदित्य सिंह की टीम ने 11 अप्रैल की रात 11:30 बजे नांगलोई-नजफगढ़ रोड पर दिचाऊं बस स्टैंड के गंदे नाले के पास घेराबंदी की। इसके बाद दो बाइकों पर आए तीनों बदमाशों को दबोच लिया। जीटीबी अस्पताल से 25 मार्च को कुलदीप उर्फ फज्जा को भगाने के लिए पुलिस पर हमले के दौरान पुलिस की गोली से इनका एक साथी रवि मारा गया था और अनिकेश गोली लगने से घायल हो गया था।
पूछताछ में पता लगा कि विक्की उर्फ सुमित जेल में ऋषि के संपर्क में आया था। ऋषि लंबू नजफगढ़ के मकोका केस में जेल में है। उसने आकाश को इस गिरोह में शामिल कराया था। विक्की उर्फ बानिया अपने भाई मोहित के जरिये गिरोह में शामिल हुआ था। दिल्ली पुलिस ने मोहित पर एक लाख रुपये का इनाम रखा है। ऋषि के कहने पर विक्की उर्फ सुमित ने फज्जा को भगाने के लिए हथियारों का इंतजाम किया था। आकाश ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची का पाउडर फेंका था।
विक्की उर्फ बानिया ने पूछताछ में बताया कि दीपक उर्फ तित्तेर के कहने पर वह दीपक उर्फ बॉक्सर, मोहित व अन्य बदमाशों के साथ बवाना में एक प्रॉपर्टी डीलर के कत्ल की साजिश रच रहा था। प्रॉपर्टी डीलर ने दीपक उर्फ तित्तेर को रंगदारी देने से मना कर दिया था। इसके अलावा, ऋषि लंबू के कहने पर पंजाब में भाड़े पर एक हत्या करनी थी।