दिल्ली की फिजा में बढ़ते प्रदूषण ने अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), लंग्स के मरीज, बुजुर्ग, बच्चों की समस्या बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से फेफड़ों के अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या सामान्य की तुलना में 5 से 8 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जो आने वाले कुछ सप्ताह में बढ़कर 20 फीसदी तक पहुंच जाएंगे। डॉक्टरों ने ऐसे लोगों को सुबह और शाम के समय खुली हवा में न घूमने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही प्रदूषण का सूचकांक 200 को पार कर गया है। यदि गति इसी तरह रही तो सामान्य मरीजों को भी काफी परेशानी हो सकती है।
रविवार तक खराब श्रेणी में बनी रहेगी हवा
मौसम संबंधी पूर्वानुमान है कि दिल्ली का अगले कुछ दिनों में एक्यूआई खराब श्रेणी में रहेगा। रविवार तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। ऐसे में तत्काल प्रभाव से ग्रेप के पहले चरण को लागू किया है। बैठक में निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों में धूल शमन उपायों और सीएंडडी कचरे के ठोस पर्यावरण प्रबंधन पर दिशा-निर्देशों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है।
इन इलाकों में भी ज्यादा रहता है प्रदूषण
द्वारका, अशोक विहार, बवाना, आनंद विहार, आईएसबीटी, यूपी रोडवेज टर्मिनल व पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र।
एनसीआर में गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा रहा सबसे ज्यादा प्रदूषित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शुक्रवार को एनसीआर में गुरुग्राम सबसे प्रदूषित रहा, यहां एक्यूआई 253 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में है। इसके बाद ग्रेटर नोएडा का 252, नोएडा में एक्यूआई 210, गाजियाबाद में 214 और फरीदाबाद में 205 दर्ज किया गया। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही।
इस दौरान हवाओं का रुख पश्चिम दिशा की ओर रहा। वहीं, हवा की गति 8 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से चली। इसी तरह हवा शनिवार और रविवार को भी खराब श्रेणी रहने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति 12 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि, सुबह के वक्त हल्की धुंध नजर आ सकती है।
आईआईटीएम के मुताबिक आने वाले छह दिनों में हवा इसी श्रेणी में रहने का अनुमान है। दिल्ली में बृहस्पतिवार को एक्यूआई 177, बुधवार को 176, मंगलवार को 155 व सोमवार को 146 दर्ज किया गया था।
200 से अधिक ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात करने की तैयारी
दिल्ली सरकार 9 अक्तूबर से शुरू होने जा रहे धूल रोधी अभियान के तहत 200 से अधिक ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात करने की योजना बना रही है। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विभिन्न मंडल में ‘एंटी-स्मॉग गन’ किराये पर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले साल पीडब्ल्यूडी ने 150 एंटी-स्मॉग गन तैनात की थी।
स्मॉग गन सभी कार्यदिवसों पर सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक तैनात की जाएंगी। उन्हें सीएनजी से चलने वाले बीएस-6 इंजन के ट्रक पर लगाया जाएगा और पानी के टैंकर की क्षमता 7000 लीटर होगी। वाहन के आगे और पीछे कैमरे व जीपीएस सिस्टम होगा। यह 50 मीटर की ऊंचाई तक पानी का छिड़काव करने में सक्षम होगा। ठेकेदार को नियमित आधार पर ‘एंटी-स्मॉग’ गन की आपूर्ति करनी होगी।
आज से शुरू होगा धूल रोधी अभियान
वायु प्रदूषण की रोक-थाम को लेकर सरकार सख्त है। दिल्ली सरकार विंटर एक्शन प्लान के तहत धूल प्रदूषण को रोकने के लिए आज से सात नवंबर तक एंटी डस्ट कैंपेन चलाएगी। इसकी निगरानी के लिए 13 विभागों की 591 टीमें तैनात की गई हैं। सीएंडडी पोर्टल पर 500 वर्ग मीटर से अधिक वाले सभी निर्माण साइट्स को खुद पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी विभागों को सीएंडडी साइट्स का निरीक्षण करने और कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण संबंधी जारी 14 दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
ग्रेप के चरण-एक के लिए नागरिक चार्टर
हॉट स्पॉट इलाकों में प्रदूषण अधिक होने की वजह