नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा कि आपात स्थिति में पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक को ग्राहकों को पांच लाख रुपये तक की निकासी की अनुमति पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। आरबीआई ने हाईकोर्ट में पेश जवाब में कहा कि यह अधिकार इस कारण दिया गया है ताकि ग्राहकों को कोई परेशानी न हो। इस मामले में 4 जनवरी को सुनवाई तय है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ ने हाल ही में दायर जनहित याचिका पर आरबीआई से जवाब मांगा था। आरबीआई ने कहा कि ग्राहकों को पैसा निकालने में देरी की वजह से हो रही परेशानी के ध्यानार्थ ही पीएमसी बैंक को खुद इस पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था।
पीएमसी बैंक से जुड़े 4,355 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद आरबीआई ने निकासी सीमित करने सहित कई प्रतिबंध लगाए हैं। याचिका में आरबीआई को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वह पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं को शिक्षा, शादियों जैसी अन्य आवश्यक जरूरतों के मद्देनजर पांच लाख रुपये तक की निकासी पर भी विचार करे। वर्तमान में केवल गंभीर चिकित्सा स्थिति में इसकी अनुमति है।
याची बेजोन कुमार मिश्रा के वकील शशांक देव सुधी ने अदालत से आग्रह किया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान पीएमसी बैंक से निकासी पर प्रतिबंध में ढील देने के लिए आरबीआई को निर्देश दिया जाए। खंडपीठ ने कहा था कि पीएमसी बैंक को पांच लाख रुपये निकासी पर निर्णय लेने की अनुमति देने से पहले आरबीआई को अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए था। जब उसने एक लाख रुपये सेे ज्यादा की निकासी पर रोक लगा रखी है तो पांच लाख रुपये की निकासी की अनुमति देने पर भी उसे खुद निर्णय करना चाहिए था।