नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लालिया के शताब्दी दीक्षांत समारोह (विश्वविद्यालय के सौ वर्ष पूरे) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो सकते हैं। कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सौ साल पर आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री को वर्चुअल शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय के आग्रह को स्वीकार करेंगे।
विश्वविद्यालय कैंपस में शनिवार को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अख्तर ने कहा कि वर्ष 2020 चुनौतियों भरा रहा। वैश्विक महामारी के दौरान जहां दुनिया भर के कई देशों ने जीरो ईयर किया। जबकि भारत में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई जारी है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने वर्ष 2020 की चुनौतियों को अवसरों में बदला है। शिक्षण संस्थान बंद होने के दौरान विश्वविद्यालय ने पहला ओपन बुक एग्जाम सफलता पूर्वक आयोजित किया।
अनुसंधान व प्रैक्टिकल के लिए कक्षा शुरू करने पर विचार
कुलपति ने कहा कि दिल्ली में अब कोविड-19 संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है। इसी को देखते हुए विज्ञान डिग्री प्रोग्राम के छात्रों के लिए कैंपस में कक्षाएं शुरू करने पर विचार चल रहा है। दरअसल अनुसंधान और साइंस डिग्री प्रोग्राम के छात्रों के प्रैक्टिकल अनुभव को देखते हुए दोबारा पारंपरिक क्लासरूम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के दूसरे चक्र के लिए तैयार है। इसके अलावा पिछले प्रदर्शन में सुधार के प्रति आश्वस्त है।
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मेडिकल कॉलेज व अस्पताल बनाने की कोशिश जारी : कुलाधिपति
कुलाधिपति व मणिपुर की उपराज्यपाल डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि जामिया मेडिकल कॉलेज व अस्पताल बनाने की कोशिश जारी है। जामिया इलाके के लोगों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल व मेडिकल कॉलेज बेहद जरूरी है। मेडिकल कॉलेज व अस्पताल बनने से इस इलाके के लोगों को सुविधा मिलेगी।