फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसिक रूप से बीमार लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने मानसिक रूप से बीमार लोगों को विशेष बीमारियों की सूची में शामिल करके उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीका लगवाने की मांग याचिका पर केन्द्र से जवाब तलब किया है। अदालत ने अधिवक्ता गौरव बंसल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 30 अप्रैल तय की है।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने केन्द्र के अलावा केन्द्रीय मानसिक स्वास्थ्य अथॉरिटी और कोविड-19 टीकाकरण के लिए विशेषज्ञों के राष्ट्रीय समूह को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची ने अदालत से आग्रह किया कि सरकार को मानसिक रूप से बीमार बेघर लोगों के कोविड-19 टीकाकरण के लिए नीति बनाने का निर्देश दिया जाए।
याचिका में 45 से 59 साल आयु वर्ग के लोगों को प्राथमिकता से टीकाकरण के लिए तय विशेष रोगों की सूची में मानसिक रोग को शामिल नहीं किए जाने को चुनौती दी है। याची ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार लोगों को भी कोरोना का खतरा है लेकिन आयु वर्ग के चलते उनको टीकाकरण से वंचित रखा गया है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि दिव्यांग लोगों के लिए एक्ट बनाया गया है, ऐसे लोगों को सहायता की खास जरूरत है। याचिका में कहा गया है कि गंभीर मानसिक बीमारी वाले बेघर व्यक्तियों को कोविड संक्रमण के अधिक खतरे को देखते हुए सरकार को इन लोगों की तरफ ध्यान देना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग स्वयं आवाज नहीं उठा सकते। ऐसे में सरकार को इन लोगों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने निर्देश दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें