नई दिल्ली। कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में ऐसे बच्चों की मानव तस्करी की आशंका जताई गई है। अदालत से केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस व अन्य संस्थाओं को ऐसे बच्चों की पहचान करने व उनके निकटतम रिश्तेदार या फिर अनाथालयों में रखनेे का प्रबंध करने का निर्देश देने की मांग की है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि कोविड-19 में ऐसे बहुत से बच्चे हैं जिन्होंने अपने-माता को खो दिया है। ऐसे बहुत बच्चे हैं जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में इन बच्चों के हितों की रक्षा करना जरूरी है क्योंकि वे मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं।
याचिका में उन मरीजों के परिवार के सदस्यों को उचित वित्तीय सहायता व मुआवजा देने का भी निर्देश देने की मांग की गई है, जिन्होंने अस्पताल में दाखिल होने पर ऑक्सीजन सिलिंडर, इंजेक्शन, दवाओं आदि के अभाव में इस महामारी में अपनी जान गंवाई है।
याचिका में कहा गया है कि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान राजधानी क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अप्रैल 2021 से शुरू से ही संबंधित पक्षों यानि केंद्र व दिल्ली सरकार की घोर लापरवाही और विफलता के कारण हजारों नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है।
उन्होंने कहा सभी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है जिसमें वे फेल रही है। ऐसे में मृतकों के परिवार को मुआवजा जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष याचिका पर 10 मई को सुनवाई होगी।