नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने पद्म पुरस्कार विजेता एमएफ हुसैन की दो पेंटिंग्स से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार करने वाले आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने 22 जनवरी को मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ अधिवक्ता अमिता सचदेवा की तरफ से दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई की। इसमें कहा गया था कि आगे जांच की आवश्यकता नहीं है। मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि यह मामला उसके समक्ष शिकायत के रूप में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद अदालत ने दिल्ली आर्ट गैलरी प्राइवेट लिमिटेड, उसके सीईओ और एमडी आशीष आनंद और निदेशक अश्विनी आनंद को नोटिस जारी किया। अपने आदेश में अदालत ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश वैधानिक प्रावधानों और न्यायिक मिसालों के अनुरूप, तर्कसंगत सोच का परिचायक है। इस स्तर पर किसी पुलिस जांच की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि साक्ष्य सुलभ हैं। एजेंसी