राजधानी में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर सिख समुदाय के खिलाफ आम लोगों की भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाते हुए एक चैनल व अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने इन खबरों पर रोक लगाने का निर्देश देने का आग्रह किया है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई एक फरवरी तय की है।
यह याचिका पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींढसा व दिल्ली सिख गुुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क रखा कि चैनलों विशेष कर एक चैनल में दिखाया जा रहा है कि ट्रैक्टर परेड के दौरान उत्तर प्रदेश की राम मंदिर की झांकी को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि असामाजिक तत्वों ने अन्य झांकियों को भी नुकसान पहुंचाया है लेकिन मात्र मंदिर की झांकी को दिखाकर सिख समुदाय के खिलाफ लोगों को भड़काया जा रह है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगो को लेकर शांति पूर्ण तरीके से धरना कर रहे हैं और उन्होंने सरकार से मंजूरी लेकर ट्रैक्टर परेड निकालने का निर्णय किया था। कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली में घुस कर माहौल को खराब किया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सोशल मीडिया में भी लगातार फर्जी वीडियो के जरिये सिख समुदाय की छवि खराब की जा रही है।
उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि लगातार भ्रामक खबरें चलाने से सिख समुदाय के लोगों के जानमाल का खतरा बन गया है। इसके अलावा उनकी छवि भी खराब की जा रही है। बावजूद इसके केंद्र सरकार व अन्य पक्षों ने इसे रोकने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया।
उन्होंने याचिका में उक्त चैनल के अलावा न्यूज ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पक्ष बनाते हुए पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।