दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के बाहर लोग कोरोना मरीजों को भर्ती कराने के लिए खड़े हैं। इस दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि रात में ब्लैक में 40 हजार रुपये का ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदा। अब वो भी खत्म हो गया है।
कोरोना की चौथी लहर से दिल्ली की स्थित बेहद खराब हो गई है। स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीजों की जान जा रही है। ऑक्सीजन और बेड की भारी किल्लत हो गई है। कोरोना मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वहीं इस बीच दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के बाहर लोग कोरोना मरीजों को भर्ती कराने के लिए खड़े हैं। इस दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि रात में ब्लैक में 40 हजार रुपये का ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदा। अब वो भी खत्म हो गया है। यहां देखने आया हूं, यहां न बेड है न ही ऑक्सीजन है। सरकार कुछ करे, कम से कम ऑक्सीजन की ही व्यवस्था करा दे।
सात दिन का लॉकडाउन और बढ़ गया
विज्ञापन
वहीं, दिल्ली में सात दिन का लॉकडाउन और बढ़ गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका एलान किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है। दिल्ली में लाॅकडाउन को अगले सोमवार सुबह 5 बजे के लिए बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान हमने देखा कि पॉजिटिविटी रेट लगभग 36-37 फीसदी तक पहुंच गया, हमने दिल्ली में इतनी संक्रमण दर आज तक नहीं देखी। पिछले एक-दो दिन से संक्रमण दर थोड़ी कम हुई है और आज 30 फीसदी के नीचे आई है।
ऑक्सीजन के लिए बनाया पोर्टल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन का कोटा 480 से बढ़कर 490 मीट्रिक टन हो गया है। मगर 330-335 टन ही मिल पा रही है। केंद्र और दिल्ली सरकार अस्पताल में ऑक्सीजन पहुंचा रही है। केजरीवाल ने कहा कि हमने एक पोर्टल शुरू किया है जो ऑक्सीजन की आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए ऑक्सीजन निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा हर दो घंटे में अपडेट किया जाएगा। केंद्र सरकार से काफी सहयोग मिल रहा है, केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रही हैं।