नई दिल्ली (पुरुषोत्तम वर्मा)। इस्राइली दूतावास के पास जिंदल हाउस के सामने किए गए बम धमाके में विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। बम में टाइमर भी लगाया गया था। पुलिस को मौके से तीन पेंसिल बैटरी, तार, प्लास्टिक के टुकड़े, विस्फोटक, लाल कपड़ा, लोहे की 45 से 50 गोलियां (बॉल बियरिंग) और प्लास्टिक समेत कुछ जली हुई चीजें बरामद हुई हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने धमाके वाली जगह पर हुए गड्ढे से विस्फोटक व मिट्टी उठाए हैं। विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट बताया जा रहा है। मौके से लोहे की 45 से 50 गोलियां (पुलिस छर्रे कह रही है) बरामद हुई हैं। धमाका होने के बाद ये गोलियां बम से 20-25 मीटर दूर तक गई थीं। इनसे कारों के शीशे टूटे थे। तीनों कारों से काफी मात्रा में गोलियां मिली हैं।
एफएसएल के अधिकारियों का कहना है कि बम से गोलियां बहुत तेजी से निकली होंगी, तभी कार के शीशे चटके नहीं, बल्कि चकनाचूर हो गए। उस समय वहां कोई आदमी होता तो उसकी जान जा सकती थी।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली दूतावास के कर्मचारी करीब तीन बजे बजे चले गए थे। धमाके के समय तक दूतावास के अधिकारियों व कर्मचारियों की आवाजाही नहीं थी। शुरुआती जांच से लग रहा है कि धमाके का उद्देश्य दहशत फैलाना था या फिर दहशतगर्द अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बम धमाके वाली कोठी का सीसीटीवी खराब है। बाकी जगहों पर सीसीटीवी चल रहे हैं। ऐसे में पिछले कुछ दिन में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर कारों व व्यक्तियों की मूवमेंट देखी जा रही है। देखा जा रहा है कि यहां किसी कार या व्यक्ति ने बार-बार चक्कर तो नहीं लगाए। यहां आकर कोई कार रुकी या धीमी तो नहीं हुई।
इस्राइली दूतावास के पास हुए बम धमाके की एफआईआर स्पेशल सेल ने लोदी कॉलानी में दर्ज की है। एसीपी ललित मोहन व हृदय भूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजन व रविंद्र जोशी की टीम ने जांच शुरू कर दी है।