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यात्रियों की आफत: 17 मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एग्जिट गेट बंद रहे

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के बढ़ते विरोध के चलते पुलिस ने लगातार दूसरे दिन कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करवाया। एहतियात के तौर पर अलग-अलग समय पर 17 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद रहे। इनमें केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, दिल्ली गेट, लाल किला, जामा मस्जिद, खान मार्केट, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, शाहीन बाग, जनपथ, शिव विहार, जौहरी इंक्लेव, मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, चावड़ी बाजार और चांदनी चौक व कश्मीरी गेट शामिल रहे।
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दिल्ली में प्रदर्शनों के मद्देनजर भीड़ को एक जगह इकट्ठा होने से रोकने के लिए ससबसे पहले जामिया और शाहीन बाग स्टेशन बंद किया गया और फिर से खोल दिया। इसके बाद दिन में अलग अलग क्षेत्रों में रुक रुककर होने वाले विरोध प्रदर्शन की वजह से अन्य मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करने और खोले जाने का सिलसिला रात तक चलता रहा। शाम को दिल्ली गेट क्षेत्र में वाहन को जलाने की घटना के बाद चांदनी चौक व कश्मीरी गेट सहित कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया गया ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो सके।
उधर, लगातार दूसरे दिन मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने की वजह से अलग अलग मेट्रो लाइन पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना पड़ा। इस वजह से पूरे दिन यात्रियों की परेशानी बनी रही।
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55 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट किए जा चुके हैं बंद
राजधानी में मेट्रो के 285 स्टेशन हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान 55 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट कई घंटे तक बंद रहे। बृहस्पतिवार को आठ घंटे तक मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहीं तो शुक्रवार को भी कई स्टेशनों पर घंटों सेवाएं प्रभावित रहीं। इससे डीएमआरसी को रोजाना लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
मेट्रो स्टेशन बंद होने की सूचना से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
डीएमआरसी की ओर से लगातार मेट्रो सेवाओं के प्रभावित होने की सूचना सोशल साइट्स पर अपडेट की जा रही है, लेकिन यात्रियों के सामने समस्या यह आ रही है कि मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के बाद अधिकतर स्टेशनों पर गेट बंद मिलने से उन्हें नियत स्थान तक पहुंचने में न केवल देरी बल्कि कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की शिकायत है कि ट्वीटर के जरिये अपडेट किए जाने का उन्हें सही मायने में फायदा नहीं मिल रहा है, क्योंकि जानकारी जब तक अपडेट की जाती है उन्हें मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचकर लौटना पड़ रहा है। कई ऐसे भी यात्री हैं जो इन सोशल साइट्स पर एक्टिव नहीं है, जिन्हें अधिक परेशानियां झेलनी पड़ीं।
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