नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना से संक्रमित करीब 50 हजार मरीज इस समय होम आइसोलेशन में हैं। बीते कुछ दिनों में कई हजार मरीज घर पर ही इलाज से स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि कुछ लोगों द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन न किए जाने से पूरे परिवार के संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि होम आइसोलेशन में बरती गई लापरवाही पूरे परिवार के लिए घातक साबित हो सकती है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय कुमार का कहना है कि ऐसे संक्रमित व्यक्ति जो आइसोलेशन में रह रहे हैं, उनके घर में अलग से शौचालय व अलग कमरे की व्यवस्था होनी चाहिए। यह लोग 14 दिन तक बाहर आना-जाना न करें। जरूरत की सभी चीजों को कमरे में ही मंगवा लें। इस दौरान कोरोना के सभी नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग होम आइसोलेशन में लापरवाही बरत रहें हैं। उन्हें लग रहा है कि उनमें संक्रमण खत्म हो गया है और वह परिवार के अन्य सदस्यों से मिल रहे हैं। इससे पूरा परिवार ही संक्रमण की चपेट में आ रहा है। डॉ. के मुताबिक, ऐसे सभी व्यक्ति जिनके घर में पृथक कमरा, शौचालय आदि नहीं है, उन्हें कोविड केंद्रों में क्वारंटीन होना चाहिए।
इन नियमों का पालन जरूरी
- घर के अलग कमरे में रहें
- शौचालय की अलग व्यवस्था हो
-14 दिन तक बाहर न निकले
- जरूरी दवा और अन्य सामग्री को कमरे के दरवाजे पर ही मंगवा ले
- नियमित अंतराल पर ऑक्सीजन व बुखार का स्तर मांपते रहें
- लोगों से बिलकुल न मिलें
- कुछ भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें
- हमेशा सकारात्मक रहें