अनुसूचित समुदाय के साथ मुस्लिमों संगठनों का प्रदर्शन
-संत गुरु रविदास मंदिर तोड़ने का मामला
नई दिल्ली। तुगलकाबाद में संत गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह कई मुस्लिम और अनुसूचित समुदाय के संगठनों ने तुगलकाबाद इलाके में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। जामिया हमदर्द से शुरू होकर मार्च को मंदिर स्थल तक जाना था, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से पुलिस ने लोगों को जामिया हमदर्द पर ही रोके रखा। इस मौके पर संगठनों ने कहा कि मंदिर को उसी स्थान पर दोबारा बनाया जाए। वहीं, केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण के मामले में अदालतों को गुमराह न करें। मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। जेल में बंद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत 95 लोगों को तत्काल रिहा किया जाए।
प्रदर्शन में अंजुमन-ए-हैदरी कर्बला जोरबाग के अलावा अधिवक्ता व समाज सेवक महमूद प्रचा, लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजलुल मनन, सैयद बहादुर अब्बास नकवी मौजूद रहे। सुबह 11 बजे जामिया हमदर्द के गेट नंबर-3 से प्रदर्शन व मार्च शुरू होकर मंदिर तक जाना था, परंतु पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वही रोक लिया। इस मौके पर अंजुमन-ए-हैदरी के बहादुर अब्बास नकवी ने कहा कि मंदिर को बिना शर्त वहीं दोबारा बनाए और वहां की 100 एकड़ जमीन को तत्काल वापस किया जाए।
महमूद प्रचा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय रविदास मंदिर मामले में अनुसूचित समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। मंदिर के लिए मुसलमान हस्ताक्षर अभियान चलाएगा, जिस पर एक करोड़ मुसलमानों के हस्ताक्षर कराकर उसकी कापी को राष्ट्रपति को भेजी जाएगी। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 10 लाख मुसलमान संसद का घेराव करेंगे। भारत बंद भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद यामीन, शकीफ अहमद, सैयद दाउद, आमिर हसन और हाजी रईस चौधरी व बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।