सुरक्षित सड़क के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव और सभी को सुरक्षित सफर का मौका देने के लिए सरकार की ओर से कोशिशें जारी है। दिल्ली में दुर्घटनाएं संयुक्त प्रयासों से कम हो सकती हैं। सरकार की कोशिश है कि दिल्ली की सड़कों पर केवल दक्ष ड्राइवरों को ही वाहन चलाने की अनुमति मिले ताकि सुरक्षित सफर का सभी को मौका मिल सके। ये बात परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक कार्यक्रम के दौरान कही।
वे दिल्ली सड़क सुरक्षा-2021 शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने सम्मेलन की मेजबानी की। इस मौके पर रोड सेफ्टी लीड एजेंसी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, आईआईटी, दिल्ली सहित सड़क सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं के विशेेषज्ञ भी शामिल हुए। दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षित यात्रा के लिए एक सुदृढ़ कार्य योजना पर विचार साझा किए गए। होटल ताज में शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर परिवहन विभाग और आईआईटी, दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (फिट) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत सड़क सुरक्षा के लिहाज से दुर्घटना डाटा विश्लेषण, एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस के क्रियान्वयन और एकीकरण, ब्लैक स्पॉट की पहचान के अलावा अनुसंधान और प्रवर्तन में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सोशल मीडिया पर छह महीने तक चलेगा अभियान
सड़क सुरक्षित दिल्ली सुरक्षित का शुभारंभ किया। इसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से चिन्हित किए गए चार प्रमुख जोखिमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसमें तेज गति, शराब पीकर ड्राइविंग, बगैर हेलमेट या सीट बेल्ट के सफर करने के प्रति चालकों को जागरूक किया जाएगा।
अगले छह महीनों के लिए ट्विटर और फेसबुक पर @delhiroadsafety पर आयोजित इस अभियान के जरिये सड़क सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के तौर पर उठाया जाएगा।