दिल्ली के एक डॉक्टर पर दुष्कर्म का फर्जी मामला दर्ज कराकर 20 लाख रुपये मांगने के आरोप में पुलिस ने झोलाछाप को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित आराध्या ट्रॉमा सेंटर एंड मेडिकल स्पेशलिस्ट अस्पताल से गिरफ्तार किया है। वहां वह कई माह से प्रैक्टिस कर रहा था। खुद को एमडी स्पेशलिस्ट बताने वाले झोलाछाप रामकिशन गुप्ता के पास पुलिस को कोई डिग्री नहीं मिली।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के देवली इलाके में स्थित दुर्गा विहार कॉलोनी में संचालित मेडी पॉली क्लीनिक के डॉ. अशोक कुमार गुप्ता के यहां रामकिशन गुप्ता काम कर रहा था। कई बार उससे डिग्री भी मांगी गई, लेकिन वह टाल देता था।
तबर में उसने दक्षिणपुरी निवासी एक महिला के साथ मिलकर डॉ. अशोक गुप्ता को दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामले में फंसाने की धमकी देकर तकरीबन 20 लाख रुपये मांगे। पहले तो महिला फेफड़ों की बीमारी के बहाने डॉ. अशोक गुप्ता के पास आई।
इसके बाद उसने 100 नंबर पर कॉल करके डॉ. गुप्ता के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस पहुंची तो महिला गायब थी, जबकि अगले दिन दो और महिला रामकिशन गुप्ता के साथ क्लीनिक पर हंगामा करने लगी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो मामले से पर्दा उठना शुरू हुआ। नेब सराय थाना पुलिस ने पहले रामकिशन गुप्ता से डिग्री मांगी तो वह नहीं दिखा पाया।
पुलिस ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल से भी जानकारी मांगी तो काउंसिल ने रामकिशन गुप्ता नाम के किसी भी डॉक्टर का लाइसेंस नहीं होने और न ही मैक्स व मेदांता अस्पताल में प्रैक्टिस करने की पुष्टि की।
जांच में पता चला कि रामकिशन गुप्ता एक दुष्कर्म मामले में दोषी है और 10 वर्ष की सजा काट रहा है। पेरोल पर बाहर आने के बाद से वह फरार है। इसके अलावा 2018 में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
जब पुलिस को रामकिशन गुप्ता का पूरा इतिहास पता चल गया तो स्पेशल टीम गठित कर यूपी, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में दबिश दी गई। रामकिशन गुप्ता अलीगढ़ के जीटी रोड स्थित एक अस्पताल में नौकरी करने लगा। पुलिस ने अलीगढ़ से उसे गिरफ्तार कर लिया।