आर्थिक अपराध शाखा ने व्यापार ऋण दिलाने का झांसा देकर 12 करोड़ की ठगी करने वाले एक आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी इस मामले में भगोड़ा करार था। फर्जीवाड़ा के इस मामले में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान ठाणे महाराष्ट्र निवासी साकेत शर्मा भारद्वाज (40) के रूप में हुई है। शाखा में आरोपी के खिलाफ दो फर्जीवाड़ा के दो मामले दर्ज हैं। नरेश कुमार शर्मा ने वर्ष 2014 में संजय शर्मा, साकेत शर्मा, डेविड वेलहम, अरुण शर्मा और अन्य के खिलाफ 12 करोड़ की ठगी करने की शिकायत की।
शिकायत में उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे 400 करोड़ व्यापार ऋण दिलाने के आड़ में उससे प्रोसेसिंग फीस, कमीशन और अन्य मदों में 12 करोड़ रुपये ठग लिए। उसके बाद आरोपी नरेश शर्मा से बातचीत करना बंद कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को तफ्तीश में जुडने के लिए नोटिस भेजा। लेकिन सभी आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने छापेमारी कर संजय शर्मा, परवेज आलम और अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन साकेत फरार चल रहा था। अदालत ने इस मामले में साकेत शर्मा को भगोड़ा करार दिया। उसके खिलाफ लुक आउट सकुर्लर भी जारी कर दिया गया। निरीक्षक भारत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साकेत की तलाश की और तकनीकी जांच कर 13 जुलाई को उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साकेत शर्मा का जन्म और पालन पोषण मुंबई में हुआ है। वह मुंबई से ही सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वह मुंबई में शेयर बाजार में कारोबार करता था। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आठ से अधिक मामले दर्ज हैं।