उन्होंने कहा कि इन मरीजों के इलाज में सिर्फ मल्टीविटामिन और पैरासिटामोल के टैबलेट्स को लिया गया। हमें उन्हें कोई और दवा देने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मरीज विदेश से आने वाले लोग हैं जो एयरपोर्ट पर कोविड-19 जांच में पॉजिटिव मिले। एक के अलावा सभी मरीजों के कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। मरीजों में दो-तिहाई लोगों ने पीफाइजर-बायोएनटैक कोविड वैक्सीन ली थी। तीन लोगों ने पीफाइजर की बूस्टर डोज भी ली हुई थी।
एक सूत्र ने बताया कि मरीजों में एक अफ्रीकी देश के सांसद, एक दक्षिण भारतीय राज्य के एक शाही परिवार का सदस्य और नौकरशाहों के परिजन हैं।
दिल्ली में ओमिक्रॉन के 67 मरीज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अभी तक 67 ओमिक्रॉन संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें से 23 लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। दिल्ली सरकार के आदेश के बाद एलएनजेपी अस्पताल के अलावा, सर गंगाराम सिटी अस्पताल, मैक्स अस्पताल साकेत, फोर्टिस अस्पताल वसंत कुंज और तुगलकाबाद में बत्रा अस्पताल में ओमिक्रॉन के इलाज और आइसोलेटिंग के लिए अधिकृत किया गया है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में सभी कोरोना संक्रमितों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग 22 दिसंबर से की जा रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि क्या ओमिक्रॉन का संक्रमण सामुदायिक हो गया है। लोकनायक अस्पताल में और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेस में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित लैब प्रतिदिन 100 सैंपलों की जांच कर सकती हैं। दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित लैब भी 200-300 सैंपलं की जांच कर सकती हैं।
दिल्ली के सीएम बोले- सरकार तैयार
तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोरोना मामलों में उछाल आने की आशंका जताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा था कि उनकी सरकार ने प्रतिदिन एक लाख मरीजों के इलाज और तीन लाख जांच करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पर्याप्त कर्मी, दवाइयां और ऑक्सीजन सुनिश्चित करने की भी तैयारी कर ली है।
उन्होंने जोर देकर कहा था कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट तेजी से फैलता है। उन्होंने दावा किया कि इसमें बहुत हल्के लक्षण होते हैं, जिससे कम लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं और कम मौतें होती हैं। इसलिए सरकार अपने होम आइसोलेशन मोड्यूल को मजबूत करने पर फोकस कर रही है और मरीजों का उनके घर पर इलाज करने के लिए एजेंसियों से अनुबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।