नई दिल्ली। निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी व पहली कक्षा के दाखिले 18 फरवरी को शुरू होने जा रहे हैं। 20 स्कूलों ने अपने दाखिला मानक जारी कर दिए हैं। कुछ स्कूलों ने पूरी तरह ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प दिया है तो कई ने फॉर्म डाउनलोड कर स्कूल आकर जमा कराने को कहा है। हालांकि कोविड-19 के कारण अभिभावकों को यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने की उम्मीद थी। अभी कई स्कूलों ने अपने दाखिला मानक और गाइडलाइंस वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए हैं। इससे काफी अभिभावक असमंजस में हैं।
फिलहाल जिन स्कूलों ने अपने मानक वेबसाइट पर अपलोड किए हैं, उन्होंने आसपास रहने वाले बच्चों को दाखिले में प्राथमिकता के संकेत दिए हैं। द्वारका स्थित बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल ने नेबरहुड के लिए 85 से लेकर 40 तक अंक तय किए हैं। इसी स्कूल में दूसरे भाई-बहन के लिए 15 अंक निर्धारित किए हैं।
जनकपुरी स्थित सुमेर जैन पब्लिक स्कूल ने नेबरहुड के लिए दो श्रेणियां बनाई हैं। इसमेें 0-3 किलोमीटर के लिए 50 और 3.1 से 6 किलोमीटर के लिए 40 अंक तय किए हैं। स्कूल में दूसरे भाई-बहन के लिए 25, एल्युमिनी के लिए 20 और जैन समुदाय के लिए पांच अंक तय किए गए हैं। इंडियन स्कूल ने नेबरहुड के लिए 60, सिबलिंग के लिए 20 और पहले बच्चे के लिए 20 अंक तय किए हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा कहते हैैं कि बीते साल से अब तक दाखिले की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं आया है। इस बार कोविड-19 के कारण उम्मीद थी कि स्कूल पूरी तरह ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प देंगे। इसके बाद भी काफी स्कूलों ने फॉर्म डाउनलोड कर स्कूल जाकर जमा कराने का विकल्प दिया है। इस तरह उन्हें हॉर्ड कॉपी जमा कराने के लिए स्कूल जाना होगा।
सभी स्कूलों में प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन न होने से अभिभावक नाराज हैं। एक अभिभावक ने कहा कि आज हर कोई डिजिटल हो रहा है तो फॉर्म स्कूल आकर जमा कराने को क्यों कहा जा रहा है। यह कैसा ऑनलाइन फॉर्म हुआ, जिसमें दो-दो बार मेहनत करने के साथ समय भी देना होगा। कोई अभिभावक दस स्कूलों में फॉर्म भरेगा तो क्या उसे अलग-अलग जगह जाकर इन्हें जमा कराना होगा।