बाजार में विदेशी बादशाहत को कम करने के लिए पहली बार देश में चार दिवसीय वर्चुअल खिलौना ट्रेड फेयर का आयोजन 28 फरवरी से दो मार्च तक किया जाएगा। इसमें महिला उद्यमी व स्टार्टअप को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का प्रयास है। इससे दोनों वर्गों के खिलौना निर्यातकों को काफी फायदा होगा। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रधानमंत्री ने 2020 में मन की बात में कहा था कि खिलौना कारोबार में भारत को बादशाहत हासिल होगी। इसी क्रम में पहली बार फेयर की रूपरेखा तैयार की गई है।
ट्वॉय सिटी के संयोजक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि देश में बने खिलौनों के लिए देश में ही बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का यह बेहतर विकल्प है। स्कूलों को जोड़ने का भी प्रयास चल रहा है। ताकि स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी खिलौनों के बारे में विस्तार से जाने और अपनी जिज्ञासा शांत करें। वर्चुअल ट्रेड फेयर के लिए अब तक करीब 1200 निर्यातक पंजीकरण करा चुके हैं। एक निर्यातक 25 सबसे उत्कृष्ट उत्पाद को अपलोड कर सकेंगे, जिसे ऑनलाइन तरीके से लोगों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।
अकेले उत्तर प्रदेश से 164 खिलौना निर्यातकों ने पंजीकरण कराया है। गौतमबुद्ध नगर से 40 खिलौना कारोबारी इससे जुड़ेंगे। फेयर को सफल बनाने के लिए सभी राज्यों में प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है। संगठनों व विभागीय अधिकारियों को फेयर से जुड़े लिंक साझा कर लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ट्रेड फेयर में सिर्फ देश में बने खिलौनों को प्रदर्शित किया जाएगा। सबसे अधिक प्रतिभागी गौतमबुद्ध नगर से शामिल हो रहे हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड आईटी, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेेंट एंड एंटरप्रेन्योर्स व एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल समेत कुल 12 मंत्रालयों को जिम्मेदारी दी गई है।
अनिल कुमार, उपायुक्त उद्योग, गौतमबुद्ध नगर