कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संंपन्न
कुछ जगहों पर मतदान धीमा होने की वजह से लोग नाराज दिखे
शांतिपूर्वक चुनाव के लिए पुलिस आयुक्त ने दिनभर कमान संभाले रखी
पुलिस कंट्रोल रूम को शाम छह बजे तक 170 कॉल्स प्राप्त हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के छठे चरण में राजधानी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हो गया। एक-दो जगह मामूली कहासुनी को छोड़कर कहीं से भी किसी हिंसा की कोई खबर नहीं मिली। अलबत्ता कुछ जगहों पर मतदान धीमा होने की वजह से लोग नाराज जरूर दिखे। कुछ ने पीसीआर कॉल कर नाराजगी भी जाहिर कर दी। पुलिस कंट्रोल रूम को शाम छह बजे तक 170 कॉल्स प्राप्त हुई थीं, इनमें ज्यादातर का निपटरा उसी समय कर दिया गया।
शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने दिनभर कमान संभाले रखी। पूरे दिन वह किसी न किसी इलाके के मतदान केंद्र पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनके साथ स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 रवींद्र यादव के अलावा कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
सीपी ने न सिर्फ लोगों से बातचीत की, बल्कि अपने स्टाफ को मुस्तैद रहने की हिदायत दी। लोकसभा चुनावों को देखते हुए पूरी दिल्ली पुलिस फोर्स, अर्द्धसैनिक बलों के अलावा कई राज्यों के 62 हजार जवानों को सुरक्षा के लिए लगाया गया था। ड्रोन से निगरानी करने के साथ पुलिस ने मतदान केंद्रों के पास भी बैरिकेडिंग की। पुलिस ने वाहनों के साथ मतदाताओं को मतदान केंद्रों के पास नहीं जाने दिया।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की सभी सातों सीटों पर कुल 162 प्रत्याशी मैदान में हैं। करीब 1.52 करोड़ मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग की ओर से दिल्ली में 2627 मतदान केंद्र बनाए गए थे। आयोग के आदेश पर यहां शांतिपूर्वक मतदान कराने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की थी।
इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस के 80 हजार जवानों के अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बलों के 62 हजार जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया था। इनमें सीआरपीएफ के अलावा, एसएसबी, मेघालय आर्म्स फोर्स, मध्य प्रदेश, मिजोरम, बंगाल और नंगालैंड आर्म्स फोर्स के जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। खासकर अतिसंवेदनशील एरिया इनमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वा दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण पूर्व, बाहरी दिल्ली के अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के खास इंतजाम रहे।