निर्भया का दोषी पवन राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। उसका दावा है कि दया याचिका खारिज होने के बाद कानूनी तौर पर दोषी को दिए जाने वाले 14 दिन संबंधी नियम का उल्लंघन हुआ है। उसने कहा है कि याचिका खारिज होने के अगले दिन ही डेथ वारंट जारी होने से उसके मानवाधिकारों का हनन हो रहा है।
दोषियों के वकील एपी सिंह शुक्रवार को तिहाड़ जेल में पवन से मिले। एपी सिंह ने बताया कि पवन ने उन्हें दया याचिका खारिज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए कहा है। पवन ने बताया कि जिस दिन राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका खारिज की।
उसी दिन तिहाड़ जेल प्रशासन दोषियों के डेथ वारंट के लिए निचली अदालत चला गया। इस वजह से उसे याचिका खारिज करने के खिलाफ अपील करने का मौका नहीं मिला। पवन के वकील एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे।
जेल में वकील एपी सिंह ने दो अन्य दोषियों विनय और अक्षय से भी मुलाकात की। तीन घंटे तक चली मुलाकात में दोषी विनय ने भी अपने वकील को एक अर्जी दाखिल करने के लिए कहा। उसने बताया कि चुनाव के दौरान उसकी दया याचिका को गैर कानूनी ढंग से खारिज किया गया।
आचार संहिता लगे होने के दौरान दिल्ली सरकार ने उसकी याचिका कैसे खारिज कर दी। वहीं अक्षय ने भी अपने वकील से कहा है कि उसकी दूसरी दया याचिका की बात को छिपाया जा रहा है। एपी सिंह का कहना है कि वह अपने मुवक्किल की सारी बातों को लेकर अदालत में अर्जी दाखिल करेंगे।