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Delhi: इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों को 10-10 साल की सजा, कोर्ट के सामने गुनाह किया था कबूल

Wed, 12 Jul 2023 10:57 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। इन सभी पर देश भर में आतंकवादी हमलों को अंजाम देकर सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की एक कोर्ट ने बुधवार को इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों को सजा सुनाई है। इन सभी को देशभर में आतंकवादी हमलों को अंजाम देकर सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश रचने का दोषी माना था। जिसके बाद आज सुनवाई करते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र मलिक ने आरोपियों दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। चारों ने अदालत के समक्ष अपना दोष स्वीकार कर लिया था। आतंकी हमले वर्ष 2012 में हुए थे।
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पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने चारों दोषियों दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान एवं ओबैद-उर-रहमान के अपना अपराध स्वीकार करने के बाद उन्हें आईपीसी एवं आतंकवाद रोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आईपीसी की धारा 121 ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और धारा 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को आसान बनाने के इरादे को छिपाने) के तहत सितंबर, 2012 में एक मामला दर्ज किया था। उन्हें यूएपीए की धारा 17 (आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाना), धारा 18 (आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देने के लिए साजिश), धारा 18ए (आतंकी शिविरों का आयोजन), धारा 18 बी (आतंकवादी वारदात के लिए लोगों की भर्ती करना) और धारा 20 (किसी आतंकी संगठन का सदस्य होना) के तहत भी आरोपी बनाया गया था।
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एजेंसी ने आरोप लगाया कि आरोपी अपने पाकिस्तान स्थित सहयोगियों और अपने स्लीपर सेल की सक्रिय सहायता से देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती/नए सदस्यों को शामिल करने का काम कर रहे थे। भारत में महत्वपूर्ण और प्रमुख स्थानों, विशेषकर दिल्ली में बम विस्फोट करके आतंकवादी कृत्य को अंजाम देना उनका मकसद था। एनआईए ने कहा स्रोत जानकारी से पता चला है कि आईएम के गुर्गों और उसके प्रमुख संगठनों को अपनी आतंकी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए विदेशों से नियमित धन मिल रहा है।
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