प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने नई आबकारी नीति के तहत उम्र सीमा को घटाने पर कड़ी आपति जताया है। कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली को बर्बाद करने पर लगी हुई है। दिल्ली के इतिहास में यह काला दिन है। राजनीतिक फंडिंग के लिए सभी सरकारी शराब की दुकानें बंद कर प्राइवेट शराब माफिया को सौंपने का निर्णय लिया है। गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली नई आबकारी नीति को रोकने के लिए मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलेंगे।
आदेश गुप्ता ने कहा कि जब आप सरकार बनी थी तो वादा किया गया था कि दिल्ली के युवाओं को नशामुक्त करेंगे। आज सच्चाई सबके सामने है। प्राइवेट शराब माफिया के हाथों में शराब बिक्री की बागडोर देना और हर वार्ड में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाना राजनीतिक फंडिंग की योजना है। सरकार युवाओं की भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। खुद की राजनीतिक विस्तार में लिप्त केजरीवाल सरकार को जहां शराब पीने पर रोक लगानी चाहिए वहीं उल्टा सरकार ही इसको और बढ़ावा दे रही है। जब रात के तीन बजे तक शराब की दुकानें खुलेंगी और 21 साल के उम्र में ही बेटा हो या बेटी को शराब पीने की छूट होगी तो परिवार कैसे बचेगा।
गुप्ता ने आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया से सवाल किया कि क्या वे अपने बच्चों को इक्कीस साल की उम्र में शराब पीने की छूट देंगे? दिल्ली के नलों में पीने का साफ पानी तो मुहैया करा नहीं पाए, लेकिन उनकी सरकार हर चौराहे पर शराब का ठेका खोलना चाहती है। एक तरफ दिल्ली सरकार महिलाओं की हितौषी बनने की ढ़ोंग करती है और दूसरी तरफ उनके उत्पीड़न का सबसे कारण बन रही है।
दिल्ली सरकार की ओर से शराब पीने की उम्र को 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के फैसले पर कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि शराब की दुकानें निजी हाथों में सौंपे जाने से दिल्ली नशे की राजधानी बनने की तरफ अग्रसर होगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शराब की बिक्री को निजी हाथों में सौपने से दुकानां पर नकली शराब के दरवाजे खुल जाएंगे, क्योंकि इनकी जांच नहीं होगी। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की शराब की बिक्री से 20 प्रतिशत राजस्व बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध सरकार के इस निर्णय से राजधानी का युवा वर्ग शराब का आदी हो जाएगा। इससे उनके भविष्य की भी चिंता बढ़ जाएंगी।
राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षित रखने और युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से दूर रखने के लिए शराब की नीति को सख्त बनाने की बजाए दिल्ली सरकार की नई एक्साईज पॉलिसी युवाओं को बर्बाद कर देगी