देश में आतंक फैलाने के आरोप में गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के बम विशेषज्ञ अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग बम धमाकों के मामलों में रिमांड पर लेना शुरू कर दिया है।
शनिवार को उसे करोल बाग क्षेत्र में बीडनपुरा ब्लास्ट मामले में तीन दिन के रिमांड लिया गया।
एक मामले में रिमांड खत्म होने पर टुंडा को पटियाला हाउस स्थित मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल के समक्ष पेश किया गया।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि 26 अक्तूबर 1997 को बीडनपुरा क्षेत्र में हुए ब्लास्ट में एक महिला की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हुए थे।
एक बम भी बरामद हुआ था। जांच में कुछ पाकिस्तानी व बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ की गई थी।
इस दौरान गिरफ्तार दो आतंकियों आमिर खान व मो. शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे बीडनपुरा ब्लास्ट में शामिल थे और उन्हें बम बनाने की ट्रेनिंग टुंडा ने दी थी।
दोनों ने यह भी बताया था कि टुंडा ने विस्फोट के संबंध में उनसे सलाह करके दिशा-निर्देश दिए थे।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि टुंडा से मामले में पूछताछ करनी है। अत: रिमांड पर दिया जाए।
वहीं टुंडा के अधिवक्ता एमएस खान ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल तीन अन्य मामलों में 40 दिन से रिमांड पर है।
अब चौथे केस में रिमांड मांगा जा रहा है। यह उसे प्रताड़ित करने का प्रयास है।
इस पर अदालत ने सभी तथ्य देखकर टुंडा को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया।