दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संदीप बढ़वासनी गिरोह के तीन शूटरों को दबोचा है। इन शूटरों ने विरोधी गैंग मनोज मोरखेरी के सदस्य की हत्या करने के लिए उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं।
पुलिस ने इसके कब्जे से 9 एमएम की अंग्रेजी पिस्टल, 16 कारतूस समेत .38 बोर की रिवॉल्वर, स्कार्पियो कार और तीन मोबाइल बरामद किए हैं।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, सोनीपत निवासी धीरपाल उर्फ काना 25 अक्तूबर को स्विफ्ट कार से सोनीपत से नरेला जा रहा था।
नरेला में बी-4 के पास दूसरी स्विफ्ट कार में सवार चार बदमाशों ने उसे घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। धीरपाल पर 15 राउंड गोलियां बरसाई थीं, मगर वह बच गया।
मामले की तफ्तीश के लिए स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर अतर सिंह की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने रोहिणी के सेक्टर-11 स्थित बालाजी मंदिर के पास घेराबंदी कर तीन शूटर (सभी सोनीपत के) गांव धाराना के हवेली राम (29), गांव खेतियाबढ़ के हितेश (29) और गांव बरबाढ़नी निवासी मनोज कुमार (29) को पकड़ लिया।
शूटरों से पूछताछ में पता लगा कि मनोज मोरखेरी और शरवन/संदीप बढ़वासनी गिरोह में गैंगवार चल रहा है। मनोज मोरखेरी गैंग ने संदीप गिरोह के सदस्य दिनेश उर्फ गबचू की हत्या कर दी थी।
इस मामले में मोरखेरी गैंग के विकास लागंरपुरिया और धीरपाल सिंह गिरफ्तार हुए थे। भोंड़सी जेल में बंद शरवन और संदीप ने दिनेश की हत्या का बदला लेने के लिए धीरपाल की हत्या की साजिश रची थी।
धीरपाल की हत्या के लिए संदीप ने चार शूटरों को सुपारी दी थी। शूटरों को हथियार संदीप ने उपलब्ध कराए थे। अपहरण व दुष्कर्म के मामले में हितेश को सात वर्ष की सजा हो रखी है।