नई दिल्ली में बाड़ा हिंदुराव में बुधवार सुबह तीन मंजिला मकान जमींदोज हो गया। हादसे में पिता व पुत्र की मौत हो गई, जबकि उनका एक अन्य बेटा घायल हो गया।
उसे गंभीर हालत में गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और एमसीडी का बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। खबर लिखे जाने तक घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी था।
सदर बाजार थाना पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
हादसा बाड़ा हिंदुराव के मोहल्ला शेखान, गली मोलवी करामत-उल्लाह वाली गली के मकान नंबर-7898 में हुआ।
इस तीन मंजिला मकान में मो. नकी (68) और उनके दो शादीशुदा बेटे नफीस उर्फ बंटी (35) व सलमान (32) रहते थे। नकी का सदर बाजार में आर्टिफिशियल ज्वेलरी का काम है।
उनका तीसरा बेटा बॉबी (33) गुड़गांव में रहता है, जिसका वहां होटल है। कुछ दिन से बंटी की पत्नी अतिया बेटे के साथ बाड़ा हिंदुराव में ही स्थित अपने मायके में थी।
जबकि सलमान की पत्नी दुबई में रहती है। बुधवार सुबह करीब करीब 7.30 बजे जब मकान गिरा तो सलमान दूसरी मंजिल पर जबकि उसके पिता और बड़ा भाई बंटी पहली मंजिल पर सो रहे थे।
हादसे के बाद लोगों ने बाहर आकर देखा तो वहां धूल का गुबार उड़ रहा था।
मलबे से सलमान के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। पड़ोसियों ने कुछ मलबा हटाकर सलमान को बाहर निकाला।
उसने बताया कि उसके पिता और बंटी मलबे में दबे हैं। कुछ ही देर बाद पुलिस और दमकल कर्मी भी वहां पहुंच गए।
स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाया गया। हालांकि, गली बेहद संकरी हाने की वजह से राहत कार्य में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
करीब 8.30 बजे बंटी और 10.30 बजे नकी को बाहर निकाला गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लोगों के मुताबिक, मलबे में करीब आधा दर्जन दुपहिया वाहन भी दब गए।
लोगों को लगा, मानो भूचाल आ गया हो
जब हादसा हुआ तो स्थानीय लोगों ने सोचा कि शायद भूचाल आ गया है।
वहीं, लोगों ने आरोप लगाया कि एमसीडी का बचाव दस्ता करीब दो घंटे लेट पहुंचा।
उन्होंने बताया कि नकी का मकान कई साल पुराना था, जिसकी चार साल पहले मरम्मत कराई गई थी।
उसके बराबर में अवैध तरीके से मकान बन रहा था। उसकी नींव खोदने की वजह से यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने इस पर ऐतराज भी किया था। विरोध को देखते हुए मकान बनवा रहे शख्स ने दो दिन पहले ही काम रोका था। लोगों का कहना था कि पुलिस और एमसीडी की मिलीभगत से काम चल रहा था।