दिल्ली चुनाव को ऐलान होने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार की गद्दी पर काबिज पार्टियां पूरे उम्मीदवार नहीं जुटा सकीं।
नामांकन के आखिरी दिन जहां समाजवादी पार्टी ने 30 उम्मीदवार मैदान में उतारे, वहीं जोड़-तोड़ के बावजूद जदयू 35 सीट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी।
जदयू ने आखिरी दिन कभी कांग्रेस तो कभी बसपा से हाथ मिलाने वाले पूर्व पार्षद रोहताश कुमार को घोंडा से प्रत्याशी बनाया।
दरअसल दोनों पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों ने दावा किया था कि वह 70 सीटों से प्रत्याशी उतारेंगे और दिल्ली चुनाव में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
समाजवादी पार्टी नामांकन के आखिरी दिन की सुबह पहली और आखिरी लिस्ट जारी कर सकी।
इसमें खास तौर से उन्हीं सीटों से प्रत्याशी उतारा है, जहां पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।
इनमें नरेला, तिमारपुर, बादली, मटियाला, नजफगढ़, बिजवासन, महरौली, ओखला, संगम विहार, बदरपुर, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, करावल नगर समेत तीस सीटें शामिल हैं।
इस बारे में पार्टी अध्यक्ष ऊषा यादव का कहना है कि हमने टक्कर देनी वाली सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
वहीं, जदयू ने तीन किस्तों में लिस्ट जारी की। इसमें बड़ी संख्या में बागी उम्मीदवार शामिल हैं।
शुरुआत मटिया महल से विधायक शोएब इकबाल को पार्टी में शामिल करने से हुई, वहीं आखिरी नाम भी बागी रोहताश कुमार का रहा।
इस टीम के दम पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष साबिर अली का दावा है कि हमने दमदार उम्मीदवारों पर ही दांव लगाया है।
सरकार बनाने में पार्टी की अहम भूमिका होगी। हालांकि जानकार मानते हैं कि बागियों के दम पर जदयू ओखला, मटिया महल, घोंडा, संगम विहार, द्वारका व चांदनी चौक सीट पर कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।