कड़कती सर्दी में आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर
लोगों की सुध लेने के लिए दिल्ली के सभी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट रात भर
सड़कों पर घूमेंगे।
वे ऐसे स्थानों को
चिह्नित करेंगे, जहां लोग खुले में रहते हैं। साथ ही टेंट से बने रैन
बसेरों को अगले चार दिनों में पोर्टा केबिन में तब्दील कराने का काम
करेंगे।
दिल्ली सरकार ने 45 नए रैन बसेरे बनाने का भी ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि टेंट से बने रैन बसेरों में लोग बड़ी मुश्किल हालात में गुजर-बसर कर रहे हैं।
बड़ी तादाद में ऐसे भी लोग हैं, जो खुले में रहते हैं। ऐसी जगहों की पहचान के लिए एसडीएम को आदेश दे दिया गया है।
चार
जनवरी तक उन्हें रिपोर्ट सौंपनी है। केजरीवाल ने बताया कि एनजीओ आश्रय
अधिकार अभियान ने फिलहाल 45 ठिकाने बताए हैं, जहां लोगों के रहने का कोई
इंतजाम नहीं है।
इस काम के लिए आम आदमी पार्टी अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं की भी मदद लेगी।
दूसरी
तरफ शहरी विकास मंत्री मनीष सिसौदिया के बाद महिला और बाल विकास मंत्री
राखी बिरला ने मंगलवार देर रात राजधानी के रैन बसेरों की हालात का जायजा
लिया।
इस दौरान उन्होंने लोगों से बात की और उनकी समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिलाया।