नई दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू होने का डर रविवार को कांग्रेस की रैली में भी नजर आया।
अमूमन रैली परिसर के अंदर, बाहर और वहां तक जाने वाली सड़कें बैनर, पोस्टर व होर्डिंग से पटी नजर आती हैं। चुनावी मौसम में यह आम बात है।
टिकट की कतार में लगे नेता पोस्टर-बैनर से ही उपस्थिति दर्ज करवाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा कोई नजारा नहीं दिखा।
सिर्फ मंच पर सोनिया के साथ शीला व राहुल गांधी के होर्डिंग को छोड़ दें तो मंगोलपुरी के रामलीला ग्राउंड में एक भी पोस्टर नहीं दिखा।
यही नहीं कांग्रेस का चुनाव चिह्न भी पूरे पंडाल में सिर्फ डायस पर ही नजर आया।
चिह्न का इस्तेमाल ना हो इसके लिए सिर्फ तिरंगे के रंग का पंडाल और मंच सजाया गया था।
भाषणों के अलावा कहीं भी लिखकर कांग्रेस को वोट देने व दावों-विकास की गाथा भी पोस्टर-बैनरों में नजर नहीं आई।
हालांकि, कुछ झंडे, टोपी, मफलर जरूर रैली में कुल लोगों के पास दिखे जिन पर पार्टी का चिह्न दिख रहा था।