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लगातार बढ़ रहे माइक्रो कंटेनमेंट जोन, हर गली- मोहल्ले में मरीज की संभावना

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लगातार बढ़ रहे माइक्रो कंटेनमेंट जोन, हर गली- मोहल्ले में मरीज की संभावना अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, 25 जनवरी राजधानी में बेशक नए मामलों के साथ-साथ संक्रमण दर भी कम होती चली जा रही है, लेकिन माइक्रो- कंटेनमेंट जोन की संख्या लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि बीते 24 दिनों के भीतर कंटेनमेंट जोन 40 फ़ीसदी से अधिक बढ़ गए हैं। ऐसे में दिल्ली के हर गली मोहल्ले में खांसी और जुकाम के रूप में कोरोना का मरीज होने की संभावना है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 24 जनवरी तक 44,464 माइक्रो कंटेनमेंट जोन रिकॉर्ड किए गए हैं, जबकि एक जनवरी को इनकी संख्या 1243 थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का दावा है कि लगातार बढ़ती कंटेनमेंट जोन की संख्या को देखते हुए इस बात की संभावना है कि दिल्ली के हर गली मोहल्ले में खांसी और जुकाम के साथ कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रोन का मरीज हो सकता है। एम्स के एक डॉक्टर के मुताबिक, लगातार खांसी और जुकाम के रूप में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। इनमें से कई मरीज पहले से ही विभिन्न अस्पतालों में उपचार अधीन हैं। ऐसे में जब मरीज रूटीन टेस्ट के लिए अस्पतालों में पहुंचते हैं तो जांच करने पर वह खांसी- जुकाम के साथ कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं। इनमें से कुछ मरीजों के घर के आस-पास के क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन का क्षेत्र बना दिया जाता है। वहीं, इस बात की भी संभावना है कि कुछ जगहों पर छह से 10 दिनों तक माइक्रो- कंटेनमेंट जोन बने रहते हैं। इस वजह से कंटेनमेंट जोन की संख्या में तेजी से कमी नहीं देखी जा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में 10 जनवरी तक 14200 कंटेनमेंट जोन बन चुके थे। वहीं, 12 जनवरी तक यह आंकड़ा 20878 पर पहुंच गया था। 15 जनवरी तक कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 30742 हो गई थी। 20 जनवरी तक दिल्ली में 40756 कंटेनमेंट जोन थे, जबकि 24 जनवरी तक दिल्ली में 44464 कंटेनमेंट जोन पाए गए हैं। ----------- किशन कुमार
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