२६ जनवरी के मौके पर-
आतंकी कार में विस्फोटक रखकर कर सकते हैं बड़ा आतंकी हमला
- लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने की घटना की हो सकती है पुनरावृति
- दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी हमले के गंभीर इनपुट मिले
- सीएए व एनआरसी के कुछ वांछित विरोधी कर सकते हैं आतंकी हमला
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली, १८ जनवरी
गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली को दहलाने के लिए लाई गई गाजीपुर फूलमंडी में मिली आईईडी से दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियों को पहले से हाथ-पांव फूले हुए हैं। अब इंटेलीजेंस ब्यूरो(आईबी) ने दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न संगठनों द्वारा आतंकी हमले के गंभीर इनपुट दिए हैं। आईबी ने दिल्ली पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा को बहुत ही कड़ा करने को कहा है। इन इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस अधिकारियों की नींद बिल्कुल उड़ गई है। नेताआं समेत कुछ वीवीआईपी को भी निशान बनाने के इनपुट हैं।
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लालकिले घटना की पुनरावृति हो सकती-
आईबी ने दिल्ली पुलिस की इनपुट दिए हैं कि प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी हमला करने की फिराक में है। संगठन कार में बड़ी मात्रा में विस्फोटक रखकर धमाका कर सकते हैं। ये इंडिया गेट व लालकिले के पास-पास कार में विस्फोटक रखकर हमला कर सकते हैं। आईबी ने इनपुट में ये भी कहा है कि सिख फॉर जस्टिस पिछले वर्ष की तरह इस बार भी लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने की घटना की पुनरावृति कर सकते हैं। ये लोग लालकिले को निशाना बना सकते हैं। इसे देखते हुए लालकिला व उसके आसपास सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।
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जम्मू की तरह ड्रोन से हमला कर सकते हैं-
आईबी ने इनपुट में कहा है कि इस बार आतंकी आतंकी हमला करने की फिराक में घूम रहे हैं। आतंकी विस्फोटक पाकिस्तान से भारत ला चुके हैं। गाजीपुर फूलमंडी में मिली आईईडी उसी का एक हिस्सा है। इनपुट में कहा गया है कि जिस तरह जम्मू एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया गया था उसी तर्ज पर इस बार गणतंत्र दिवस पर आतंकी ड्रोन आदि से हमला कर सकते हैं। ड्रोन से परेड रूट या उसके आगे पीछे आतंकी हमला करने के इनपुट है।
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सीएए व एनआरसी के वांछित ने आईएसआई से हाथ मिलाया-
जिस तरीके से किसान आंदोलन सफल माना जा रहा है उसी तरह से नागरिक संशोधन कानून व एनआरसी को वापस करने के लिए आतंकी हमला कर सकते हैं। इनपुट में ये कहा गया है कि दिल्ली दंगों के कुछ फरार वांछितों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से हाथ मिला लिया है। आईएसआई व वांछित का आपस में गठजोड़ हो गया है। ऐसे में आईएसआई गणतंत्र दिवस के मौके पर सीएए व एनसीआर के वांछित आरोपियों से आतंकी हमला करवा सकती है। ये चहाते हैं कि ये दोनों ही कानून लागू न हो। इनके कुछ विरोधी व सहानुभूति रखने वाले आईएसआई के संपर्क में हैं। आईएसआई इनसे आतंकी हमला करवाने की पूरी फिराक में है।
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पुरुषोत्तम वर्मा