ऑन डिमांड कार चोरी करने वाला हाईप्रोफाइल चोर 'कार राजा' गिरफ्तार
-उत्तरी जिला की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी को दबोचा, जिस मॉडल और कलर की कार करना होती थी पहले उसी मॉडल की करता था एचएसआरपी नंबर प्लेट चोरी
-उस नंबर प्लेट को चोरी की गाड़ी में लगाकर आसानी से कर देता था रिसीवर को डिलीवरी, यूपी, कश्मीर समेत दूसरे राज्यों में करता था इन कारों की डिलीवरी
-क्रेटा, ब्रेजा, स्विफ्ट और फॉरच्यूनर गाड़ियों की खासी डिमांड, उनको चोरी कर पहले आठ दिस दिन के लिए किसी पार्किंग में कर देता था खड़ी
अब तक आपने बहुत से वाहन चोरों के बारे में सुना होगा, लेकिन उत्तरी जिला पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर को दबोचा है जो कार चोरों की दुनिया में खुद को 'कार राजा' कहलवाता था। उसका कार चोरी करने का तरीका भी दूसरे चोरों से अलग था। ऑन डिमांड जिस कार को उसे चोरी करना होता था, पहले आरोपी उसी मॉडल और कलर की दूसरी गाड़ी की एचएसआरपी नंबर प्लेट चोरी करता था। इसके बाद कार चोरी कर उस पर चोरी की गई नंबर प्लेट लगा दी जाती थी। इसकी मदद से कार को आसानी से रिसीवर तक पहुंचा दिया जाता था। यदि रास्ते में कोई पुलिसकर्मी उसकी जांच भी करता था कलर और मॉडल के हिसाब से उसको पकड़ा नहीं जाता था। पकड़े गए आरोपी की पहचान संगम विहार, दिल्ली निवासी कुणाल उर्फ तनुज उर्फ विजय (42) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से चार लग्जरी गाड़ियां, भारी मात्रा में नंबर प्लेट, औजार, चाबिया व अन्य सामान बरामद किया है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि 10 दिसंबर को सिविल लाइंस की हिल लेन निवासी स्वास्तिक अग्रवाल ने घर के सामने से अपनी फॉरच्यूनर कार चोरी होने की शिकायत पुलिस से की थी। फौरन थाना प्रभारी अजय कुमार शर्मा व अन्यों की टीम ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी कैमरों की जांच से पुलिस को सुराग नहीं मिला। करीब 15 दिन की जांच के बाद टीम को पता चला कि वारदात को अंतरराज्जीय चोर कुणाल ने अंजाम दिया है। पुलिस ने अलग-अलग जगह ट्रैप लगाकर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। 11 जनवरी को टीम को सूचना मिली कि आरोपी कश्मीरी गेट के पास मॉनेस्ट्री मार्केट आने वाला है। इस बीच शाम करीब 6.00 बजे टीम को चांदगी राम अखेड़े की ओर से सफेद रंग की एक क्रेटा कार आती हुई दिखी। पुलिस ने नंबर प्लेट के आधार पर कार की जांच की तो कार चोरी की नही थी। लेकिन नंबर प्लेट के आधार पर उसका इंजन और चेसिस नंबर मेल नहीं खा रहे थे। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कार के चोरी के होने की बात कबूल कर ली। कुणाल ने बताया कि वह रिसीवर को कार देने आया था। बाद में उसकी निशानदेही पर एक और क्रेटा ओर दो स्विफ्ट कार, भारी मात्रा में औजार, नंबर प्लेट, ईसीएम व अन्य सामान बरामद हुआ।
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महज पांच मिनट में कोई भी कार चोरी कर लेता है कार राजा...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2013 से कार चोरी के धंधे में है, पहले उसके खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं और वह चार बार गिरफ्तार भी हो चुका है। उसकी गिरफ्तारी से अभी 10 वारदातें सुलझी हैं। आरोपी ने बताया कि दिल्ली में घूमने के दौरान वह अपनी पसंद के हिसाब से कार के कलर और मॉडल की लिस्ट बना लेता था। जैसे ही उसे ऑन डिमांड ऑर्डर मिलता था, वह पहले उसी मॉडल की किसी दूसरी कार की नंबर प्लेट चोरी करता था। इसके बाद दूसरी कार चोरी कर उस पर वह नंबर प्लेट लगा देता था। कार चोरी करने में उसे महज पांच ही मिनट लगते थे। वह कार का शीशा तोड़कर उसका ईसीएम बदलकर वारदात को अंजाम देता था। कार चोरी करने के बाद वह उसे जीपीएस या दूसरे कारणों से अलग-अलग पार्किंग में खड़ा करता था। जब उसे पूरा यकीन हो जाता था कि कोई उसके पीछे नहीं है तब वह रिसीवर को बुलाकर कार सौंप देता था। एक कार के बदले उसे 80 हजार से 1.15 लाख तक मिल जाते थे।
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आरोपी ठीक-ठाक परिवार से रखता है संदिग्ध...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ठीक-ठाक परिवार से संबंध रखता है। उसके दादा व पिता दिल्ली के बड़े कारोबारी थे। वह खुद दक्षिण दिल्ली के एक नामी कान्वेंट स्कूल से दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। ठीक-ठाक परिवार में उसकी शादी भी हुई है। उसके यहां एक बेटी है। लेकिन उसे गाड़ी चोरी करने की लत लग गई। वह खुद को 'कार राजा' कहलवाने लगा। उसकी पत्नी ने यह धंधा छोड़कर सही तरीके से जिंदगरी गुजारने की जिद की तो उसने पत्नी को ही छोड़ दिया। फिलहाल छह माह पूर्व ही वह जेल से बाहर आया था। देशभर के कार रिसीवरों से उसके संबंध हैं। टोटल लोस के बदले चोरी की गाड़ी लेने वाले रिसीवर चोर राजा से संपर्क करते हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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शुजात आलम