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कोरोनाः महानगरों में दिल्ली में सबसे कम है मृत्युदर, आने वाले दिनों में बेहतर होगी स्थिति

Sat, 03 Oct 2020 05:10 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले सभी बड़े महानगरों में सबसे ज्यादा है, लेकिन इसके बावजूद भी यहां की मृत्यु दर सबसे कम है। सरकार की ओर से उठाए गए बेहतर कदम और लोगों की सहभागिता से यहां मौत के आंकड़ों को कम करने में मदद मिली है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यहां संक्रमण के  282752 मामले हैं और 5401 लोग इस बीमारी से जान गवा चुके हैं। इस हिसाब से मृत्यु दर 1.9 फ़ीसदी है।

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वहीं, देश के अन्य महानगरों की बात करें तो मुंबई में यह दर 4.3 %, चेन्नई में 1.93 %, लखनऊ में 2.5% और इंदौर में 2.3 % है। इन सभी महानगरों में सबसे ज्यादा दैनिक मामले मुंबई में आ रहे हैं। इसके बाद दूसरा स्थान दिल्ली का है। तीसरा चेन्नई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिस हिसाब से दिल्ली में संक्रमण के मामले पिछले 10 दिनों से कम होते जा रहे हैं उसको देखते हुए आने वाले दिनों में और की संख्या में भी कमी आएगी इससे मृत्यु दर और कम होने के आसार हैं।
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अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि दिल्ली के साथ-साथ अन्य महानगरों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हैं, लेकिन जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने जांच की संख्या बढ़ाई उससे समय पर संक्रमित हो की पहचान हो सकी और मौत के आंकड़ों को कम करने में मदद मिली। इसके साथ ही लोगों की सहभागिता के कारण भी सभी रणनीतियां सफल तरीके से लागू हो पाई हैं।

एम्स के डॉक्टर विजय गुर्जर बताते हैं कि दिल्ली में जो मौतें हुई हैं उसमें करीब 10 से 15 फ़ीसदी लोग वह भी हैं जो दूसरे राज्यों से आए थे। इस हिसाब से देखा जाए तो यहां  मौत का आंकड़ा और भी कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी अस्पतालों में  इस महामारी मेें बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर हैं। जो समय रहते गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर देते हैं।

कई बार भर्ती के दौरान ही मरीज का आकलन कर आईसीयू या वार्ड में भर्ती किया जाता है। इसके बाद हल्का व गंभीर असर वाले दोनों तरह के मरीजों का अलग अलग फॉलोअप रखा जाता है। दिन में तीन से चार बार एक एक मरीज के फॉलोअप में नर्स व रेजीडेंट डॉक्टरों ने बेहतर तरीके से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन सब चीजों से मृत्यु दर को कम करने में मदद मिल रही है।

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