बहुजन समाज पार्टी का आला नेतृत्व दिल्ली चुनाव पर काफी संजीदा है।
पार्टी की स्टार प्रचारक व बसपा सुप्रीमो मायावती प्रचार के आखिरी दौर में खुद मोर्चा संभालेंगी।
28 नवंबर से एक दिसंबर के बीच वह एक के बाद एक आठ रैलियों से पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करेंगी।
इन रैलियों के जरिए पार्टी की कोशिश सभी विधान सभाओं में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है। खास बात यह कि इसी दौरान भाजपा नरेंद्र मोदी व कांग्रेस राहुल गांधी की रैलियों की तैयारी कर रही हैं।
बसपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी ने इसकी योजना तैयार कर ली है।
बसपा सुप्रीमो का धुंआधार प्रचार 28 नवंबर से शुरू होगा। इसके बाद चार दिनों तक रोजाना दो रैलियों को संबोधित करेंगी।
पार्टी की खास नजर उन्हीं इलाकों पर है, जहां पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। दक्षिण दिल्ली लोक सभा सीट के अलावा सभी संसदीय सीटों पर एक-एक रैलियां होगी।
दक्षिण दिल्ली सीट पर दो रैली की योजना है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे न सिर्फ वोट बढ़ेंगे, बल्कि पार्टी की विधायकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि पिछले चुनाव में करीब 14 फीसदी मतों को बढ़ाकर 25 फीसदी तक ले जाया जाए।
बसपा के दिल्ली प्रभारी एमएल तोमर के मुताबिक, बसपा सुप्रीमो बहन मायावती की रैलियां दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में होंगी।
कल्याणपुरी, यमुना विहार, द्वारका सेक्टर-1, नरेला, तुगलकाबाद, नई दिल्ली में भी रैली होनी हैं।
इस दौरान मुद्दे अनधिकृत कॉलोनी, बिजली-पानी-सड़क, महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा स्वास्थ्य, मिड-डे मील आदि शामिल होंगे।
रैलियों को बसपा सुप्रीमो के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सतीश मिश्रा, यूपी के पूर्व मंत्री रामअचल राजभर समेत दूसरे वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।