दिल्ली विधान सभा चुनाव में भाग्य आजमाने वाले नेता मंदिर और पार्टी नेताओं (आका) की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस का पैनल तैयार है, जिसे अंतिम रूप जल्द अंतिम समितियां देंगी।
राजनीति गलियारे में घूमने और पैरवी में जुटे नेताओं का कहना है कि आगामी 4-5 दिन दावेदारों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कांग्रेस से दावेदारी पेश करने वालों को उम्मीद है कि पार्टी की पहली सूची 9 नवंबर तक जारी कर दी जाए, क्योंकि 6-7 नवंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी है। दिल्ली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकें खत्म हो चुकी हैं।
ज्यादातर वर्तमान विधायकों को फिर से मौका मिलने की उम्मीद है, जबकि 27 विपक्षी विधायकों के कब्जे वाली सीटों पर दो-तीन नाम के पैनल बने हैं।
कुछ जगह चार नाम भी हैं। ऐसे में किस्मत के भरोसे दिवाली मनाने वाले दावेदार अब मंदिर और अपने-अपने आकाओं के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।
टिकट की दौड़ में शामिल एक नेता ने बताया कि जिसकी जहां पहुंच है, उसका दिन-रात उन्हीं के संपर्क में बीत रहा है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली से टिकट की दौड़ लगा रहे कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि सांसद, केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता अपने-अपने चहेतों की पैरवी कर रहे हैं।
ऐसे में संभावनाएं अभी भी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी की मुहर लगने के बाद ही फाइनल लिस्ट जारी होगी।
कुछ दावेदारों ने बताया कि अभी तक छन के कुछ बाहर नहीं आया है। सभी उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि वर्तमान विधायकों की सीट से दावा करने वाले ज्यादातर निराश हैं, क्योंकि तीन-चार से ज्यादा के टिकट कटने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।