न्यायमूर्ति मुरालीधर ने अभिनेता राजपाल यादव के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अदालत में झूठ बोलने पर सुनाई गई दस दिन की सजा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
अदालत ने फिलहाल उन्हें राहत देते हुए दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष अपील करने के लिए चार दिन का समय दिया है। इस दौरान राजपाल की सजा को सशर्त निलंबित कर दिया गया।
राजपाल यादव ने आवेदन में कहा था कि उनकी वकील ने झूठ बोल कर उन्हें फंसाया है। अदालत ने उनके आवेदन को खारिज करते हुए राजपाल की बिना शर्त माफी को भी ठुकरा दिया।
कोर्ट ने राजपाल को राहत प्रदान करते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो उनके फैसले के खिलाफ दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष अपील कर सकते हैं।
अदालत ने राजपाल को मिली सजा 10 दिसंबर तक के लिए निलंबित कर दी। अदालत ने राजपाल को अपना पासपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के पास जमा करवाने का निर्देश देते हुए कहा कि वो बिना इजाजत दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगे।
राजपाल को 10 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से रजिस्ट्रार के पास पेश होना होगा। यदि खंडपीठ ने शाम 4.30 बजे तक सजा संबंधी फैसले पर रोक नहीं लगाई तो नायब कोर्ट उन्हें हिरासत में ले लेगी।
अदालत ने तिहाड़ जेल अधीक्षक व हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को राजपाल पर लगाई गई शर्तों का सख्ती से पालन करवाने का निर्देश दिया है।