दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रोफेसर वीके मल्होत्रा के बाद मुख्यमंत्री के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन भी विधायकों को टिकट देने की वकालत करने लगे हैं, जबकि विजय गोयल ने गत दिनों ऐलान किया था कि जीतने वालों को ही टिकट मिलेगा।
एक प्रश्न के जवाब में डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, ‘पार्टी के विधायकों ने अच्छा काम किया है।
सभी मेहनती है और उन्होंने लोगों की समस्याओं को हल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।’
उनका मानना है कि चुनाव समिति विधायकों को अवश्य मौका देगी।
पिछले दिनों प्रोफेसर मल्होत्रा ने सभी विधायकों को टिकट देने की मांग की थी, लेकिन दो दिन बाद ही गोयल ने उनकी मांग को नकार दिया था।
दूसरी ओर डॉ. हर्षवर्धन ने पार्षदों को भी टिकट देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले पार्षदों को टिकट दिया जा सकता है।
मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने पार्षदों को मैदान में उतारा जाएगा।
खास बात यह है कि पिछले चुनाव के दौरान जब डॉ. हर्षवर्धन प्रदेश अध्यक्ष थे तो उन्होंने पार्षदों को टिकट नहीं देने का फैसला किया था। इसका खामियाजा भाजपा को चुनाव में भुगतना पड़ा था।