भाजपा आलाकमान ने उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए पांच नेताओं की कमेटी बना दी है। यह कमेटी पांच नवंबर से कार्य शुरू करेगी।
कमेटी विवादित सीटों पर दो एवं उससे अधिक नाम केंद्रीय चुनाव समिति के समक्ष भेजेगी, जबकि अविवादित सीटों पर एक ही नाम भेजा जाएगा। जिसपर केंद्रीय चुनाव समिति अंतिम मुहर लगाएगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा की चुनाव समिति की मैराथन बैठक हुई थी।
देर रात चली बैठक में समिति किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंची। बैठक में बड़े नेता अपने चहेतों को टिकट दिलवाने के लिए आपस में भिड़ते रहे, जबकि अन्य नेताओं ने अपने टिकट की पैरवी करने को प्राथमिकता दी।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी ने नितिन गडकरी ने पूरे प्रकरण से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराकर बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया।
उनकी बातें सुनने के बाद आलाकमान ने उम्मीदवार तय करने के लिए नितिन गडकरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बना दी।
कमेटी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन, प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल, विस में प्रतिपक्ष के नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा एवं संगठन महामंत्री विजय शर्मा को सदस्य बनाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि कमेटी की पहली बैठक पांच नवंबर को होगी। उस बैठक में अधिकतर उम्मीदवारों के नाम तय किए जाने की संभावना है।
कई ऐसी सीटें हैं जिन पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने चहेतों को टिकट दिलवाने की नितिन गडकरी को सिफारिश कर रखी है।
इसके अलावा संघ ने भी अपने सेवकों के लिए ऐसी सीटों पर टिकट मांगा है। इस तरह कमेटी को ऐसी सीटों पर निर्णय लेने में भारी कठिनाई होगी।
सूत्रों ने बताया कि इस तरह की सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का फैसला करने के लिए दावेदारों एवं उनके सिफारिशी नेताओं के नाम लिखकर केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजे जाएंगे।