दिल्ली के हल्लाबोल का पहला शिकार असिस्टेंट को-ऑपरेटिव रजिस्ट्रार बना है।
असिस्टेंट रजिस्ट्रार के नाम पर पैसा लेने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को स्टिंग के आधार पर एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
हेल्पलाइन नंबर बिजी होने के चलते अब दिल्ली सरकार ने 1031 चार अंको का आसान नंबर जारी कर दिया है। वहीं, 16 अन्य शिकायतकर्ताओं ने स्टिंग कर लिया, जल्द रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी टीम ने कर ली है। इसके अलावा 85 शिकायतें स्टिंग के लायक पाई गई हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि महज 36 घंटों में 23,181 शिकायतें मिली हैं। करीब 6 हजार अटेंड की जा सकीं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि 16 स्टिंग हो चुके हैं। दो दिन छुट्टी लेकिन सोमवार को बड़ी संख्या में रिश्वतखोर पकड़े जा सकते हैं।
मैं अपील कर रहा हूं अगर बच सकते हैं तो सुधरकर बच जाएं। ठीक से काम करें। उन्होंने कहा है कि हमारा मकसद सबको पकड़कर जेल भेजना नहीं, बल्कि खौफ पैदा करना है।
केजरीवाल ने कहा, मैं नागरिकों से अपील करता हूं- सिर्फ पूछताछ और सामान्य शिकायत की कॉल भ्रष्टाचार रोधी कॉल सेंटर में न करें।
30 सीटिंग में 60 लाइन चलाई जा रही हैं। फिर भी लाइन जाम हो रही हैं। पुराना हेल्पलाइन नंबर 011-27357169 भी चालू रहेगा।
केजरीवाल ने बताया कि जो स्टिंग हुए थे उसमें पार्लियामेंट स्ट्रीट पर रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसायटी दफ्तर में तैनात असिस्टेंट रजिस्ट्रार का एक स्टाफ पैसे लेते पकड़ा गया है।
स्टाफ असिस्टेंट रजिस्ट्रार के नाम पर पैसे ले रहा था। असिस्टेंट रजिस्ट्रार फरार है। जब जहां मिलेंगे असिस्टेंट रजिस्ट्रार को पकड़ लिया जाएगा। उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
अघोषित कटौती पर एसएमएस करें
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली की अघोषित कटौती की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 9223166166 जारी किया है।
अगर आपके इलाके में अघोषित बिजली कटौती होती है तो इस नंबर पर एसएमएस करके बताएं। दोषी पाये जाने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
कोई भी नागरिक डीएल स्पेस पॉवर लिखकर आगे नाम, पता व कटौती का इलाका और समय लिख सकता है। रोजाना मिलने वाली शिकायत का आकलन किया जाएगा।
इसके अलावा www.delhisldc.org पर एक हफ्ते की शेड्यूल कटौती की सूचना मिलेगी।
मीटर तेज भागता है तो डीसी को करें शिकायत
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर आपका मीटर तेज भागता है तो इसकी शिकायत नजदीकी जिला उपायुक्त (राजस्व) को दें।
साधारण आवेदन पत्र स्वीकार होंगे। हालांकि सभी मीटरों की जांच नहीं की जाएगी।
लेकिन जितने आवेदन मिलेंगे, उसमें से लॉटरी के तहत 10 हजार आवेदन निकालकर उसकी जांच अगले दो-ढाई महीने में कराई जाएगी।
अगर बड़ी संख्या में खराब मिले तो सब चेक कराएंगे।