भाजपा ने दिल्ली सरकार को पिछले दो विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादों को लेकर कठघरे में खड़ा किया है।
आरोप लगाया है कि सरकार वादा करके जनता को गुमराह करती है। चुनाव आते ही वादों की लंबी सूची तैयार कर ली जाती है, जो झूठ का पुलिंदा होता है।
प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने रविवार को कांग्रेस के नए नारे ‘अनुभव है, रफ्तार है’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अनुभव तो है, लेकिन यह अनुभव झूठ बोलने और भ्रष्टाचार करने का है।
रफ्तार भी है, लेकिन यह रफ्तार विकास का नहीं, बल्कि महंगाई बढ़ाने की है।
सिलसिलेवार ढंग से वादों के पोल खोले। उन्होंने कहा कि 2003 में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात की गई। लेकिन यह वादा केंद्र में सत्ता होने के बावजूद पूरा नहीं किया गया।
2003 और 2008 चुनाव में लाल डोरा क्षेत्र बढ़ाने का वादा पूरा नहीं किया गया।
विकास बोर्ड ने न तो निम्न मध्यमवर्ग और न ही सरकारी कर्मचारी व औद्योगिक श्रमिकों को मकान बनाने का वादा पूरा किया। पुनर्वास कॉलोनी के तहत 10 लाख मकान राजीव रत्न योजना के तहत बनने थे, लेकिन बने महज 10 हजार।
पत्रकारों के लिए आवास कॉलोनी भी नहीं बनी। उन्होंने कहा कि ताहिरपुर में 650 बिस्तर वाला अस्पताल 2004 में ही पूरा होना था, लेकिन यह अस्पताल पूरी तरह काम नहीं कर रहा है।
पिछले दोनों विधानसभा चुनाव में बिजली उत्पादन व इस मामले में आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया गया, यह भी अधूरा ही रह गया।
रोजगार देने की बात की गई, लेकिन दिल्ली में 10.74 लाख रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर पार्टी विकास का ऐसा मॉडल लागू करेगी जो सूक्ष्म योजना पर आधारित होगा।