नामांकन के आखिरी दिन आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ जाम नगर स्थित चुनाव कार्यालय पहुंचे।
बड़ी संख्या में हाथ में झाड़ू व सिर पर टोपी पहने समर्थकों व अपने माता-पिता, पत्नी बच्चों के साथ अरविंद सुबह 10:30 बजे सीपी स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय से निकले।
अरविंद करीब 12 बजे बजे संजय सिंह, गोपाल व पंकज गुप्ता के साथ चुनाव अधिकारी के पास चले गए। वहीं, कार्यालय के बाद समर्थकों की नारेबाजी चलती रही।
खास बात यह कि इसी दौरान ग्रेटर कैलाश से भाजपा प्रत्याशी अजय कुमार मल्होत्रा का काफिला मुख्य गेट पर मौजूद था।
इससे पुलिस कर्मियों ने अरविंद के काफिले को पिछले दरवाजे की तरफ मोड़ दिया।
भारी शोर-गुल के बीच दोनों नेताओं के समर्थकों का हुजूम करीब एक घंटे तक दोनों दरवाजों पर मौजूद रहा।
नामांकन दाखिल करने के बाद केजरीवाल ने कहा, ‘मुख्यमंत्री के खिलाफ अरविंद नहीं, नई दिल्ली सीट की जनता लड़ रही है। हमें यकीन है कि आम लोग इस चुनाव में जरूर जीतेंगे।
कोई मुख्यमंत्री यह कैसे कह सकती है कि महंगाई-भ्रष्टाचार पर वह लाचार है? दिल्लीवासियों को बेबस मुख्यमंत्री नहीं चाहिए।
वहीं, लोग यह समझ गए हैं कि भाजपा मुख्यमंत्री को नहीं हराना चाहती। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भाजपा ने कमजोर प्रत्याशी उतारा है।
नरेंद्र मोदी दिल्ली के मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, दिल्ली भाजपा को अब कोई नहीं बचा सकता।’
वहीं अरविंद की माता गीता देवी ने कहा कि उनका बेटा राजनीति में मजबूरन आया है। वह जीतेगा भी और देश की राजनीति को भी बदलेगा।
हालांकि उन्हें इस बात का अफसोस है कि अन्ना हजारे और किरण बेदी इस लड़ाई में अरविंद के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह होते तो हमें बड़ा सपोर्ट मिलता।
दूसरी तरफ अरविंद के पिता गोविंद राम केजरीवाल ने कहा कि वह उनके काम में दखल नहीं देते। लेकिन पूरा देश उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि कोई कितनी भी रोकने की कोशिश करे, इस बार रावण की लंका जरूर जलेगी।