जनरल वीके सिंह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं। उन्हें मिली जमानत रद्द करने के लिए ले. जनरल तेजिंदर सिंह ने अदालत में आवेदन दिया है।
तेजिंदर सिंह का दावा है कि वीके सिंह ने अपनी हाल ही में जारी हुई किताब में उनका मानहानि करने वाले आरोप लगाए हैं।
अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख दी है।
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा के समक्ष दिए आवेदन में कहा गया है कि जनरल वीके सिंह ने अपनी आत्मकथा करेज एंड कनविक्शन में तेजिंदर सिंह पर मानहानि करने वाले आरोप लगाए हैं।
जबकि अदालत ने तीन अक्तूबर को अपने निर्देश में वीके सिंह को ऐसा न करने की हिदायत दी थी। आवेदन में तेजिंदर सिंह ने कहा है कि आरोपी ने अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है।
अदालत ने यह आदेश जनरल वीके सिंह को जमानत देते हुए दिया था।
ले. जनरल तेजिंदर सिंह ने मार्च 2013 में जनरल वीके सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
उनका आरोप था कि सेना ने पांच मार्च 2012 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्हें बदनाम किया।
तेजिंदर सिंह ने 600 ट्रकों की डील कराने के लिए जनरल वीके सिंह को 14 करोड़ रुपये की घूस की पेशकश संबंधी आरोप को सिरे से खारिज किया है।