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भाजपा की सीट पर अकालियों की नजर

Mon, 14 Oct 2013 01:51 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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शिरोमणि अकाली दल बादल गुट की निगाहें इस बार भाजपा की परंपरागत सीट पर है।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर काबिज होने के बाद वे अपनी स्थिति मजबूत मान कर चल रहे हैं।

गठबंधन की राजनीति के तहत भाजपा से वैसी सीट की मांग कर रहे है जहां वे बहुमत में हैं और स्थिति को मजबूत मान रहे हैं।

अकालियों ने पश्चिमी दिल्ली की तिलकनगर, हरि नगर और राजौरी गार्डन विधानसभा सीट पर दावेदारी मांगी है। इसके कारण भाजपा की भी मुसीबत बढ़ी हुई है।

हरि नगर सीट पर भाजपा विधायक हरशरण सिंह बल्ली काबिज हैं तो तिलक नगर से ओपी बब्बर पिछले चार बार से कब्जा जमाए हुए हैं।

इन सीटों के अलावा अकाली दल शहदरा, कालकाजी, आदर्शनगर, राजेंद्र नगर और तिमारपुर विधानसभा में से दो सीटों पर भी अपनी दावेदारी कर रहा है।

प्रदेश अकाली दल बादल गुट के प्रधान मनजीत सिंह जीके का कहना है कि पश्चिमी दिल्ली इलाके की तीन विधानसभा सिख बहुल क्षेत्र हैं, लेकिन गठबंधन की राजनीति में उन्हें हर बार राजौरी गार्डन पर ही समझौता करना पड़ता है।

लेकिन इस बार तिलक नगर और हरि नगर विधानसभा पर दोवदारी की गई है। उन्होंने बताया कि राजौरी, तिलक नगर, हरि नगर में से दो सीट से कम पर समझौता इस बार नहीं होगा।
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अकाली तकड़ी चुनाव चिह्न पर लड़ सकते है चुनाव
अगामी विधानसभा चुनाव अकाली दल बादल गुट अपने चुनाव चिह्न पर लड़ने की तैयारी में है।

अकालियों के उम्मीदवार तकड़ी (तराजू) चिह्न पर लड़ सकते हैं। इस संबंध में अकालियों के प्रधान मनजीत सिंह जीके का तर्क है कि जब पंजाब में गठबंधन के तहत भाजपा अपने चुनाव निशान कमल पर चुनाव लड़ सकती है तो फिर दिल्ली में अकाली अपने चुनाव निशान पर क्यों नहीं लड़ सकते हैं।
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आदर्श नगर विधानसभा पर भी फंस सकता है पेच
पिछले विधानसभा चुनाव में आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से अकाली चुनाव लड़े थे। लेकिन भाजपा इस बार आदर्श नगर सीट पर आकालियों के साथ समझौता नहीं करने वाली।

तर्क दिया जा रहा है कि इस सीट पर पंजाबी महज 15 प्रतिशत हैं। पिछले चुनाव में भी अकाली उम्मीदवार 4512 मतों से पराजित हुए थे।

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