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जाटों ने दी बहादुरगढ़ बॉर्डर जाम करने की चेतावनी

Sun, 15 Sep 2013 05:35 AM IST
New Delhi
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नई दिल्ली। देशव्यापी आंदोलन की हुंकार के साथ जंतर मंतर पर जमा हुए जाट बहादुरगढ़-दिल्ली बॉर्डर जाम करने की चेतावनी देकर लौट गए। केंद्र में आरक्षण की मांग कर रहे जाट चार दिन से जंतर मंतर पर अनशन कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसको देखते हुए पुलिस ने भी व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी थी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति और खाप पंचायतों के बैनर तले शुक्रवार को भारी संख्या में जाट जंतर मंतर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने शाम चार बजे केंद्र सरकार से दो घंटे के अंदर बातचीत के लिए प्रतिनिधि भेजने की मांग की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत के लिए पहल नहीं की गई तो दिल्ली जाम कर दी जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने जाटों की मांग एवं चेतावनी को कोई तवज्जो नहीं दी। उनसे बातचीत के लिए न तो कोई प्रतिनिधि आया और न हीं उन्हें बुलाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर को सील करने का ऐलान करके बहादुरगढ़ कूच कर गए। हालांकि, जाटों की योजना संसद की ओर कूच करने की थी, लेकिन वे इस मामले में चुप्पी साधे रहे। वहीं, जंतर मंतर पर धरने की अगुवाई भगत सिंह दलाल और नफे सिंह नैन ने की।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाटों ने केंद्रीय श्रम मंत्री शीशराम ओला से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बताया कि आरक्षण की मांग पर कार्रवाई काफी आगे बढ़ चुकी है इसलिए वे आंदोलन नहीं करें। वहीं, मामले पर जाटों में सहमति नहीं बन पा रही थी। वे दो गुटों में बंट गए। जंतर मंतर पर शुक्रवार को दिए जाने वाले धरने से संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति पहले ही स्वयं को अलग कर चुकी थी। समिति के पदाधिकारियों ने जाटों से धरना नहीं देने का आग्रह किया था।
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