नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने इस सत्र से शुरू होने जा रहे चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम पर विरोध तेज करते हुए कुलपति को हटाने की मांग रखी है। खुले आसमान के नीचे रविवार को हुई डूटा की बैठक में विरोध के दस बिन्दू भी रखे गए। डूटा सदस्यों का कहना है कि चार वर्षीय प्रोग्राम के चलते उच्च शिक्षा का निजीकरण व बाजारीकरण हो जाएगा। इससे आम परिवारों के बच्चे शिक्षा से महरूम हो जाएंगे। सदस्यों ने भारत सरकार से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम को शुरू होने से रोकने की मांग की है।
डूटा अध्यक्ष अमर देव शर्मा के अनुसार, रविवार को डूटा की बैठक रामजस कॉलेज के ऑडिटोरियम में होनी थी, लेकिन शनिवार शाम को प्रिंसिपल ने कार्यक्रम के लिए जगह देने से इंकार कर दिया। इसके चलते कॉलेज गेट के बाहर ही डूटा की बैठक हुई, जिसमें 32 कॉलेजों के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक में दो प्र्रस्ताव पारित हुई। पहले प्रस्ताव में चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के विरोध के पीछे के दस कारण गिनाए गए। दूसरा प्रस्ताव कुलपति प्रो. दिनेश सिंह को पद से हटाने के लिए था।